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अपने ‘सामान्य व्यापार रिव्यू’ के तहत, Twitter ने बेंगलुरु में रोका अपना वैश्विक इंजीनियरिंग कार्य

एक ज़रा भी आश्चर्य न करने पर मजबूर करने वाली ख़बर के तहत (दुनिया भर में उनके द्वारा झेली जा रही दिक्कतों को मद्देनज़र रखते हुए), Twitter ने बेंगलुरु विकास केंद्र में अपना इंजीनियरिंग कार्य रोक दिया है। Twitter ने एक लंबे व विस्तृत ई-मेल में इस ख़बर की पुष्टी करी।

भारत के इनके तीन केंद्रों में से वैश्विक परेशानियों का असर सबसे अधिक व सीधा बेंगलुरु पर पड़ता दिख रहा है। अनेक सूत्रों के मुताबिक, Twitter उस कार्यालय के करीब 80% कर्मचारियों को निष्कासित करने के विचार में भी है। परंतु दरसल निष्कासित होंने वाले कर्मचारियों की असल संख्या पर अभी तक कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं आयी है।

हमें पता था ऐसा कुछ होने वाला है, परंतु इसका मतलब ये नहीं है कि इससे ये आसान हो जाये। इस मुद्दे पर Twitter का अधिकारिक बयान पेश है:

“इंजीनियरिंग हमारी कंपनी का मुख्य हिस्सा है और हम अपने प्रोग्राम व प्रयास दुनिया भर के उपभोक्ताओं के अनुभव को बहतर करने के लिये लाते रहेंगे। हमारे सामान्य व्यापार रिव्यू के चलते हमने बेंगलुरु के विकास केंद्र में ऑपरेशन रोक दिये हैं। हम प्रभावित लोगों को उनके सहयोग के लिये धन्यवाद करते हैं और हम प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें कंपनी से एक सम्मान पूर्ण निकासी मिले।”

Twitter के मुताबिक, मात्र उनके आधे कर्मचारी प्रभावित हैं। असल संख्या उजागर नहीं करी गयी है और Twitter कंपनी की कर्मचारी निजिता पॉलिसी और प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सम्मान हेतु इसपर बयान देने से भी बच रही है।

दिल्ली, मुंबई के कर्मचारी फ़िलहाल सुरक्षित

जहां बेंगलुरु में Twitter अपने आधे कर्मचारियों को विदा कर रही है, उनके दिल्ली व मुंबई कार्यालय अभी तक सुरक्षित हैं। एक Twitter वक्ता ने आगे कहा:

“हमारे पास भारत में दिल्ली, मुंबई व बेंगलुरु, तीन जगहों पर कार्यालय हैं। बैंगलुरु की मात्र वैश्विक इंजीनियरिंग फ़ोर्स प्रभावित हुई है, परंतु हम दूसरे कार्यों के लिये उपस्थित रहेंगे। हम भारत में दूसरे पदों के लिये नियुक्तियां करते रहेंगे।”

तो इसका मतलब है कि ये, Twitter के वैश्विक रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का ही हिस्सा है? उनकी बढ़ंत में आये वैश्विक ठहराव को देखते हुए तो हमें यही लगता है। निवेशक भी कंपनी के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। परंतु कंपनी का इस मुद्दे पर अधिकारिक बयान यही है:

“नहीं। मात्र बैंगलोर की इंजीनियरिंग कार्य फ़ोर्स प्रभावित हुई है।”

कंपनी के पास दूसरी ख़बर भी थी। इस माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ने उत्तर प्रदेश राज्य पुलिस के साथ भी ई-शासन के लिये साझा कर लिया है, जिससे वे अपने अधिकारिक @UPPolice अकाउंट से उपभोक्ता सेवा भी दे सकें। उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय तोहारों, जैसे कि दिवाली, गणेश चतुर्थी और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिये उन्होंने ईमोजे भी बनाये हैं, जिससे वे भारतीय उपभोक्ताओं को और भी लुभा सकें। परंतु ये सब बाते दबाने का प्रयास है – जो कि स्पष्ट दिख रहा है।

अंत में कंपनी ने कहा कि हाल ही में Pepsi ने भारत में प्रचार करने के लिये कंपनी के नवीनतम प्रचार प्रोडक्ट, ‘प्रचार #स्टिकर’ का प्रयोग किया था, जिसके लिये उन्होंने ‘Say it With Pepsi’ के लिये 50 कस्टम सीटरों के साथ Twitter पर #PepsiMojo का आरंभ किया था। कंपनी का दावा है कि ये पिरचार देश में कंपनी का सबसे बड़ा कमाई का स्त्रोत है। परंतु इसकी असल दशा कुछ और ही है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन