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Uber भारत ने एंटरप्राइज़ ‘व्यापार’ सेगमेंट में दर्ज करी बहतरीन बढ़ंत, इसे आगे और भी विस्तृत करने का विचार

सबसे बड़ी राइड सेवा Uber, चीन से निकासी लेने के बाद, अपनी सारी उर्जा व रीसोर्स भारत व अन्य दक्षिण-पूर्वी देशों कि ओर केंद्रित कर रही है। देश में और भी लाभ प्राप्त करने हेतु कंपनी अपने एंटरप्राइज़ सेगमेंट पर बहुत ध्यान दे रही है, जिससे बड़े व्यापार अपने कर्मचारियों के लिये इस कैब सेवा का प्रयोग कर सकें।

कंपनी की एंटरप्राइज़ सेवा, व्यापारों को अपने कर्मचारियों के परिवहन नेट्वर्क उपलब्ध कराने में सहायता करता है, जिससे वे कुल खर्च को भी नियंत्रित कर सकें। व्यापारों को डैशबोर्ड भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे यात्राओं को मॉनिटर, बजट को मैनेज, यात्रा पॉलिसी को पुनः लगाना और राइड के भुक्तान, सभी एक ही अकाउंट से कर सकते हैं, और साथ ही व्यापार ट्रिप के लिये पैसे वापस भी ले सकते हैं।

‘Uber for Business’ एंटरप्राइज़ को 2014 में पहली बार अमेरिका, UK, फ़्रांस व कैनडा में लांच किया गया था और फिर तीन महीनों के ट्रायल के बाद, इसे दिसंबर 2015 में भारत ले आया गया। तो, मात्र नौ महीनों में, कंपनी ने 50% तक की मासिक बढ़ंत देखी है, और आने वाले समय में ये अपनी ऑफ़रिंग और भी बढ़ाने के विचार में हैं।

एंटरप्राइज़ ऑफ़रिंग से संबंधित बढ़ंत व भविष्य के बारे में बात करते हुए Uber for Business के ए.पी.ए.सी. प्रमुख अर्जुन नौहर ने कहा:

“Uber for Business दुनिया भर में बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है, और भारत में इतने सारे बड़े व्यापारों द्वारा हमें अपने कर्मचारियों के लिये चुनने से हमें बहुत प्रसन्नता है। इस समय दुनिया भर में करीब 50,000 से भी अधिक कंपनियां Uber for Business का प्रयोग कर रही हैं, और ये उनके लिये एक कम दाम वाला अच्छा विकल्प भी है।”

‘Uber for Business सेवा इस समय उन सभी 28 शहरों में उपलब्ध है, जहां Uber कार्य कर रही है। कंपनी का दावा है कि वे इस समय Cognizant Technologies, Bain & Co., Airtel, AT Kearney, Dr. Reddy’s, Godrej Group, NDTV, Reliance ADA Group, Tata Steel, Welspun जैसी कंपनियों को अपनी सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। Quikr, Mindtree, Stayglad, Treebo जैसे स्टार्टप भी इनकी सेवा का उपयोग कर रहे हैं।

कंपनी का मानना है कि Uber for Business सेवा, दूसरी सेवाओं के मुकाबले किसी भी बड़ी कंपनी को व्यापार संबंधित यात्रा के दाम 60% तक करने में सहायता करती है (करबी ₹5000 प्रति कर्मचारी)। देश में कंपनी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी Ola भी एक एंटरप्राइज़ केंद्रित सेवा चलाती है, जिसका नाम ‘Ola Corporate’ है।

अपनी एंटरप्राइज़ सेवा से कमाने के अलावा, कंपनी सरकार के साथ अपने रोज़ाना के मतभेद भी खत्म करने के विचार में है। इसी लिये, उन्होंने ‘पबलिक पॉलिसी प्रमुख’ नाम का एक पद भी निर्मित किया है, जिसके लिये उन्होंने NDTV की संवाददाता श्वेता राजपाल कोहली को नियुक्त किया है।

इससे कंपनी को हर राज्य की सरकार के व उनके द्वारा लाये जा रहे नियमों को लेकर मतभेद से निपटने में सहायता मिलेगी। कर्नाटक सरकार ने पहले ही कार्य कर के लाइसेंसिंग के लिये नियम व कानूनों की एक नियमावली निकाल दी है और वहीं दिल्ली सरकार भी एक कड़ा ड्राफ़्ट बना रही है, जिसमें सर्ज दाम पर एक ऊपरी सीमा लगायी जायेगी।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन