ई-कॉमर्स खबर स्टार्टअप्स

Paytm ने अपने ई- वाणिज्य व्यापार को मजबूत करने के लिए किया 1,000 करोड़ रुपये का निवेश

हाल ही में अपने ई-कॉमर्स बिजनेस को एक अलग इकाई के तौर पर स्थापित करने के बाद, Paytm ने अब इसमें 800 से 1000 करोड़ रूपये तक के निवेश का मन बनाया है| कंपनी ने यह निवेश, आजकल बाज़ार के प्रतियोगी माहौल के दौर में अपनी एक सुरक्षित जगह बनाने के उद्देश से किया है|

Amazon और Flipkart को ध्यान में रखते हुए, 2014 में भी Paytm द्वारा एक अलग ई-कॉमर्स इकाई के निर्माण की अफवाहें सामने आई थीं| कंपनी पहले से ही अपने भुगतान पोर्टल के माध्यम से खरीद-फरोख की सुविधा दे रही है, पर इस बार कंपनी ने अपना पूरा ध्यान ई-कॉमर्स बिजनेस को पूरी तरह सक्षम बनाने में केंद्रित कर दिया है|

अभी कुछ महीने पहले ही पोर्टल का प्रबंधन करने वाली One97 ने पेटीएम ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक नई इकाई दर्ज होने की बात सार्वजनिक की है और इस नई इकाई को निकट भविष्य में कई ऑनलाइन व्यापार के भुगतान और ई-वाणिज्य मंच सँभालने की उम्मीदे है|

हालांकि, भारत में ई-कॉमर्स के बाज़ार में पैर जमा पाना इस नई इकाई के लिए आसान साबित नहीं होगा, विशेष रूप से जब आपके सामने Amazon, Flipkart और  Snapdeal जैसे प्रतियोगी हों|

जुलाई में पेटीएम संस्थापक, विजय शेखर शर्मा ने इस बात को यह कह कर स्वीकारा भी की,

 ई-कॉमर्स व्यापार और बाजार के खिलाड़ी परिपक्वता के स्तर तक पहुँच रहें हैं और आगे आने वाले 6-9 महीनों में इस व्यापार के प्रमुख दावेदार का निर्णय भी हो जाएगा

हालांकि उनका यह भी मानना है की आने वाले समय में ई-कॉमर्स के बाज़ार में कंपनी अपनी जगह सुनिश्चित कर पाएगी और इसी के चलते 1000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई गई है|

टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ इस विषय पर बात करते हुए शर्मा ने कहा,

नवीनतम निवेश के दौर को दो महीने का वक़्त लग सकता है, लेकिन प्रबंधन का यह मानना है की बाज़ार कंपनी के व्यवसाय के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है और साथ ही निवेशकों को इस नई वाणिज्य इकाई में निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा और शुरू में 1000 करोड़ का निवेश बाज़ार में अपनी जगह बनाने के लिए पर्याप्त होगा

गंभीरता से ई-कॉमर्स इकाई को साथ लेकर चलनें के लिए कंपनी को निश्चित रूप से अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरुरत है क्यूंकि पिछले साल ही कंपनी को लगभग 372 करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ा था|

पेटीएम ने अपने अधिकांश पैसों का निवेश, ई-कॉमर्स इकाई को मजबूत बनाने में किया था और इसी को घाटे का मुख्य कारण माना जाता है|

बाजार में एक नई इकाई बनाने के लिए कंपनी अलग संसाधनों के आवंटन और स्वतंत्र शेयरधारकों को निवेश के आमंत्रण पर ध्यान केंद्रित कर रहीं है| इस बीच अलीबाबा समर्थित, पेटीएम एक उपभोक्ता केंद्रित ऑनलाइन खुदरा व्यापार शुरू करने का अवसर भी तलाश रही है|

पेटीएम पहले से ही अपने भुगतान बैंक के कारोबार में महत्वपूर्ण निवेश कर रहा है और इसको लेकर कंपनी काफी ध्यान केंद्रित करती नज़र आ रही है|

कंपनी के पास अपने ई-कॉमर्स की यात्रा शुरू करने के लिए निवेश की कमी नहीं है| हाल ही में कंपनी ने मीडियाटेक के नेतृत्व में 400 करोड़ रूपये का निवेश हासिल किया था और साथ ही साथ 1600 करोड़ का एक और निवेश हासिल कर पाने में सफल रही थी| हालांकि Flipkart, Amazon और बाकी दिग्गज पेटीएम की इस राह को आसान नहीं बनने देंगे, पर शुरुआत में 1000 करोड़ रूपये का निवेश अवश्य ही कंपनी के लिए एक अच्छी पहल साबित हो सकता है|

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन