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सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के वाईस प्रेजिडेंट ‘जे वाई ली’ ने मोदी से की मुलाकात में उभरते भारत में सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई

वर्तमान में कोरियाई कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को Note 7 में हुए विस्फोटों जैसी असफलता के कारण उपभोक्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है| इसके चलते कंपनी ने क्षति को नियंत्रित करने के उपाय के स्वरूप वर्तमान बीमार चेयरमैन ‘ली कुन-ही’ के बेटे और सैमसंग के उत्तराधिकारी की नियुक्ति निदेशक मंडल में करने की घोषणा की है|

वाइस चेयरमैन ‘श्री जे वाई ली’ बीमार अध्यक्ष के इकलौते बेटे हैं और व्यापक रूप से सैमसंग समूह के अगले लीडर के रूप में देखें जातें हैं| कंपनी की रणनीतिक और महत्वपूर्ण निर्णयों में औपचारिक जिम्मेदारी देने के लिए उनको निदेशक मंडल में जगह दी गई है| इस नामांकन के साथ ही परिवार की तीसरी पीढ़ी के तहत स्मार्टफोन निर्माता कंपनी के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है|

अपनी नियुक्ति के कुछ ही दिनों बाद जे वाई ली ने भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकातों का दौर शुरू कर दिया है और भारत के भविष्य निर्माण में सैमसंग की भूमिका पर चर्चा करने की पहल की है| बैठक में उन्होंने तेजी से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल होने को लेकर रूचि दिखाई और साथ ही साथ उन्होंने सैमसंग के वर्तमान व्यापार संचालन और नागरिकता गतिविधियों के बारे में मोदी को जानकारी दी|

‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के रूप में सरकार की पहल में सैमसंग द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाने की भी बात कही गई और यह भी की कंपनी भारत में उत्पादन और अनुसंधान एवं विकास केंद्र को बढ़ावा देकर डिजिटल क्रांति का एक हिस्सा बनने की योजना बना रही है|

इस के अलावा, वाइस चेयरमैन ली ने यह भी बात कही,

सैमसंग का लक्ष्य भारत में सिर्फ एक विदेशी निवेशक बनना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ काम करके एक बेहतर भविष्य के निर्माण का है और सैमसंग भारतीय उपभोक्ताओं के लिए ‘मेक फॉर इंडिया’ जैसी पहल को लेकर भी प्रतिबद्ध है

सैमसंग ने विज्ञापनों के माध्यम से ‘मेक फॉर इंडिया’ की घोषणा की थी जिसमें चेन्नई और नोएडा की दो विनिर्माण इकाइयों, बेंगलुरू और दिल्ली में अनुसंधान प्रयोगशालाओं इत्यादि को सूचीबद्ध किया था|

इसके अलावा, कंपनी ने ‘सैमसंग स्मार्ट क्लास’ कार्यक्रम के माध्यम से कम आय वाले परिवारों के 200,000 से अधिक छात्रों को ई-लर्निंग में मदद करने का प्रयास शुरू किया है और आठ तकनीकी स्कूलों में भी युवाओं को कौशल और रोजगार प्रदान करने का भी शुभारंभ किया है|

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन