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भारत सरकार टैक्सी ऐग्रिगेटरों के लिये सर्ज दाम पर कैप लगाने के लिये तैयार: रिपोर्ट

भारत में टैक्सी ऐग्रिगेटरों का बुरा हाल हो रहा है, और अब तो और भी, क्योंकि उन्हें सरकार और पीली टैक्सी के चालकों से विरोध झेलना पड़ रहा है। पिछले कुछ महीनो में Ola व Uber परिवहन मंत्रालय और दिल्ली सरकार की नज़रों में बहुत आयी हैं। और अब ख़बरें आ रही हैं कि सरकार अब किराये की वसूली पर ऊपरी कैप तय करने वाली है।

देश भर में कैब ऐग्रिगेटरों के लिये एक सुनिश्चित नियमावली लाने के लिये परिवहन मंत्रालय AAP के साथ करीबी रूप से कार्य कर रहा है। इससे अनेक राज्यों में हो रही परेशानियों और विवादों से छुटकारा मिलेगा। इससे पहले रिपोर्टें आ चुकी हैं कि ड्राफ़्ट बनाने वाली कमेटी इन कंपनियों पर एक ऊपरी कैप लगाने का विचार कर सकती है।

परंतु अब लग रहा है कि कैब ऐग्रिगेटरों Ola व Uber द्वारा सर्ज दाम रोकने के लिये, कमेटी एक ऊपरी नियंत्रक कैप लगाने का विचार बना चुकी है, जैसा कि कार्य में हिस्सा ले रहे लोगों ने बताया। ये मुख्यतः ईकोनॉमी कैब सेक्टर में होगा, जिसे उपभोक्त सबसे अधिक प्रयोग करते हैं। सड़क मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये बाज़ार की डिमांड को अगला कदम विचारने पर भी मजबूर करेगा और कैबों की हर समय उपस्थिती भी सुनिश्चित करेगा।

परंतु कैलिब्रेट किये मीटर लगा कर इन कैबों में दाम मॉनिटर करने के सुझाव पर पुनः विचार किया गया और संभवतः उसे अंतिम ड्राफ़्ट में नहीं डाला जायेगा। ये केंद्रीय नियम, जो कि कुछ महीनों में लागू हो जायेंगे, को दो पहिया टैक्सी ऐग्रिगेटरों के लिये भी लागू किया जायेगा। और हो भी क्यों न?! आप बहुत कम दाम में बात करते और ठंडी हवा का झोंका महसूस करते अपने गंतव्य स्थान पर जो पहुंच रहे हैं।

“हम ऑटो किराया मीटर के कॉन्सेप्ट में नहीं जाना चाहते हैं। अगर दाम बहुत अधिक होगा तो बाज़ार टेक ओवर कर लेगा। परंतु हम अत्यधिक सर्ज दाम भी नहीं चुन सकते और इसी के लिये अधिकतम स्तर निर्धारित करेंगे। इससे ईकोनॉमी टैक्सी सेक्टर में हम उपभोक्ताओं को सुरक्षित कर सकेंगे।”

ये नियम बनाने वाली कमेटी में सड़क, परिवहन और हाइवे मंत्रालय हैं और अभी वे छोटे-छोटे पॉइंटों पर ध्यान दे रहे हैं, जिसके बाद वे अगले महीने तक ये ड्राफ़ट जमा करेंगे। ये मात्र सुझाव होंगे, नियम नहीं।

परंतु देश भर में चल रहे सर्ज दाम, किराये का निर्धारण, यात्रियों की सुरक्षा और किराये के निर्धारण के तरीके को एक सुनिश्चित धारा मिल जायेगी। सरकर प्रवेश बैरियरों को हटाने का प्रयास भी कर सकती है, जिससे इससे जुड़ने का विचार रखने वालों के लिये ऐग्रिगेशन और चालन में प्रवेश आसान हो जाये।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन