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Hurun की 40 से कम के अमीरों की सूचि में PayTM के संस्थापिक उच्च स्थान पर

उनके मंच पर पैसा बहुत दिशाओं में जा सकता है, परंतु अगर निजी लाभ की बात करें, तो लगता है कि PayTM के संस्थापक, विजय शेखर शर्मा के घर पैसे आ ही रहे हैं। पिछला वर्ष शर्मा के लिये बहुत ही अच्छा रहा है और वे Hurun India की सबसे अमीर 40 से कम के उद्यमियों की सूचि में उच्च स्थान पर विराजमान हो गये हैं।

PayTM के संस्थापक पिछले वर्ष के मात्र ₹2,824 करोड़ से अब करीब ₹7,300 करोड़ के हो गये हैं। इसका मतलब यह, कि सिर्फ़ एक वर्ष में उनके निजी ऐसेट 162 गुणा बढ़े हैं और वे 40 से कम की सूचि में उच्च स्थान पर आ खड़े हुए हैं।

इसके पीछे का कारण बहुत ही स्पष्ट है। PayTM, जिसके शर्मा संस्थापक और सी.ई.ओ. दोनों हैं, को पिछले वर्ष Alibaba व अन्य निवेशकों से बहुत सा निवेश प्राप्त हुआ है। इन सभी से PayTM के वैल्युएशन मिले हैं, और उससे शर्मा के ऐसेट।

इस समय, शर्मा कंपनी के 21% स्टेकों के मालिक हैं, और वे कंपनी के लाभों का लाभ तो लेंगे ही। और वे और भी अमीर होने वाले हैं, क्योंकि $5 बिलियन के वैलियुएशन पर PayTM $300 मिलियन और का निवेश जुटाने के विचार में है।

शर्मा के बाद Divis Laboratories के मालिक भाई-बहन हैं। ₹7,100 करोड़ के साथ, इस फ़ार्मासूटिकल कंपनी की निलिमी मोतापर्ती दूसरे स्थान पर हैं। उनके भाई दिवि सतचंद्र किरण भी अपने तीसरे स्थान पर जम गये हैं।

अगर आप उनके बारे में सोच रहे हैं, तो हां, भारत की सबसे बड़े ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart के संस्थापक सचिन व बिन्नी बंसल उच्च पांच में उपस्थित हैं। परंतु हाल ही में हो रही Flipkart की परेशानियों ने उनपर भी प्रभाव डाला है और उनकी दौलत ₹5,400 करोड़ प्रत्येक पर आ गयी है, जो कि पिछले वर्ष Hurun की सूचि में ₹9,010 करोड़ थी।

मुद्दे पर बात करते हुए, Hurun Report के भारत के एम.डी. ने कहा कि ये दौलत में गिरावट सिर्फ़ Flipkart के साथ नहीं, बल्कि सभी के साथ है, क्योंकि निवेशक इस वर्ष ई-कॉमर्स कंपनियों में निवेश करने से बचते रहे हैं, जिसके कारण ई-कॉमर्स यूनीकॉर्नों की वैल्युएशनों में भी गिरावट आयी है। इन सभी ई-कॉमर्सों में सबसे बड़ी होने के कारण, सबसे अधिक प्रभाव भी Flipkart पर ही पड़ा और वे अपने $15 बिलियन के वैल्युएशन से नीचे करीब $10 बिलियन पर आ गये।

इस सूचि में सबसे छोटे हैं 30 वर्ष के Ola के सह संस्थापक भाविश अग्रवाल, जो कि पिछले वर्ष के ₹2,385 करोड़ से ₹3,000 करोड़ के हो गये हैं। वहीं दूसरी ओर, Ola के दूसरे सह संस्थापक अंकित भारती, जिनके पास पिछल वर्ष अग्रवाल जितने ही पैसे थे, अब इस सूचि में नहीं हैं, जो कि सिर्फ़ ₹1,600 करोड़ से ऊपर के पैसे वालों को ही लेते हैं। संभव है कुछ खराब निर्णयों ने उनके साथ ये किया।

ख़ैर, Hurun की कुल सूचि में उच्च पर ₹1.63 लाख करोड़ के साथ मुकेश अंबानी हैं। इनके बाद Sun Pharma के दिलीप सांघवी, Sharpoorji Pallonji के पल्लोन्जी मिस्त्री, Hinduja Group के एस.पी. हिंदुजा व परिवार और टीका निर्माण कंपनी Serum Institute के सायरस पूनावाला हैं। बहरहाल, शर्मा इस सूचि में 103वें स्थान पर हैं, जिसका मतलब है कि भारतीय उद्यमियों को इन विशाल कंपनियों के संस्थापकों से लोहा लेने के लिये अभी बहुत संघर्ष करना है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन