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कम दाम में आपको पूरी तरह फ़ैशनेबल बनाने वाली वेबसाइट Flyrobe को नये सत्र में $5.2 मिलियन

अपने सीड सत्र में $1.7 मिलियन जुटाने के बाद, ऑनलाइन फ़ैशन रेंटर मंच Flyrobe को ए सत्र में $5.2 मिलियन का निवेश मिला है, जिसकी अगुवाई IDG Ventures ने करी और इसमें Sequoia Capital और टोक्यो के GREE Ventures ने हिस्सा लिया।

PayTM के संस्थापक विजय शेखर शर्मा और Stanhope Capital के चेयरमैन लियॉन सिनेव ने भी इस सत्र में हिस्सा लिया है। इस ए सत्र के बाद, कंपनी ने कुल $7 मिलियन का निवेश जुटाया है।

इस निवेश के साथ, कंपनी अपना व्यापार मार्च 2017 तक चार से पांच गुणा बढ़ाना चाहती है। ये अपनी डिज़ाइनर संख्या 150 तक बढ़ाना चाहते हैं और पांच और शहरों में लांच करना चाहते हैं।

Flyrobe की सह-संस्थापक और सी.ई.ओ. श्रेया मिश्रा ने कहा:

“हम देश की सबसे बड़ी वर्चुअल अल्मारी बनना चाहते हैं, जिससे महिलाएं हर कारियकिरम के लिये हमपर निर्भर हो सकें। इस समय कुल फ़ैशन रीटेल बाज़ार $50 बिलियन का है और उसमें से कार्यक्रम पर आधारित बाज़ार $10-$15 बिलियन का और हम इसका लाभ उठाना चाहते हैं।”

श्रेया मिश्रा, प्रणय सुराना और तुषार सक्सेना द्वारा 2015 में संस्थापित Flyrobe उपभोक्ताओं को प्रिमियम कपड़े व ऐक्सेसरी किराये पर लेने की सुविधा उपलब्ध कराती है और रितु कुमार और मसाबा गुप्ता के कपड़े और ऐक्सेसरी क्यूरेट करते हैं। वे इस समय मुंबई व दिल्ली में कार्य कर रहे हैं और आने वाले महीनों में बेंगलुरु और हैदराबाद में भी कार्य करेंगे।

इससे पहले, कंपनी को Sequoia Capital व अन्य निवेशकों से $1.7 मिलियन निवेश मिला था। इस फ़र्म में जिन दूसरे निवेशकों ने निवेश किया है, उनके नाम हैं: Snapdeal के संस्थापक कुणाल बहल और रोहित बंसल, PayTM के संस्थापक विजय शेखर शर्मा, Freecharge के संस्थापक कुणाल शाह और संदीप टंडन और Toppr के संस्थापक ज़ीशान हयात।

IDG Ventures भारत के अधिकारी करण मोहला ने कहा:

“मनमोहक प्रोडक्टों की बहुत सी डिमांड है, जो कि इस समय Flyrobe पूरी कर रही है। Flyrobe ब्रांडों के साथ साझा कर के, और अपनी ब्रांड ऑफ़रिंग बढ़ा रहे हैं।”

Sequoia India के प्रिंसिपल अभीक आनंद ने कहा:

“Flyrobe बहुत कम समय में भारत का सबसे बड़ा और चहेता फ़ैशन रेंटल मंच बन गया है। हम देश के पहनावे को बदलने के लिये उनके साथ ये साझेदारी बनाये रखेंगे।”

Flyrobe के अलावा, इसी फ़ैशन मॉडल पर काम कर रहे और स्टार्टप हैं LibeRent और SwishList। जहां अनेक फ़ैशन रेंटल बाज़ार अपना व्यापार बढ़ाने में भी दिक्कतें झेल रहे हैं, Klozee ने मई में अपना व्यापार ही बंद कर दिया।

एक कंसल्टेंसी फ़र्म PricewaterhouseCoopers के मुताबिक, वैश्विक शेयरिंग ईकॉनॉमी अभी के $15 बिलियन से 2025 तक $335 बिलियन हो जायेगी।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन