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SME सेगमेंट के लिये माइक्रो-फ़ाइनैंसिंग संस्थान Avanti Finance के लिये रतन टाटा और नंदन नीलकणी ने मिलाये हाथ

भारत के दो सबसे उत्तम उद्योगपतियों, रतन टाटा और नंदन नीलकणी ने देश के कम सर्व होने वाले और न सर्व होने वाले क्षेत्रों को वित्तीय सहायता देने के लिये हाथ मिलाये हैं। दोनों ही अपने निजी समाजसेवा फ़ंड से निवेश कर एक माइक्रोफ़ाइनैंसिंग संस्थान (MFI), Avanti Finance लांच करेंगे।

समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को अकसर पारंपरिक स्त्रोंतो से कैपिटल नहीं मिलता है। इसी कारण, ये दोनों हस्तियां साथ आकर Avanti Finance शुरू कर रही हैं। इसी के बारे में बताते हुए, Tata Trusts ने एक बयान में कहा:

“प्रमोटरों का मानना है कि संस्थान की असमानताओं और जानकारी की कमी के कारण केंद्रित उपभोक्ता बेस को आसान क्रेडिट नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। केंद्रित उपभोक्ता सेगमेंट पिछले कुछ वर्षों में उधार चुकाने में बहुत कम पिछड़े हैं, परंतु फिर भी, अभी उन्हें सबसे अधिक दरों पर लोन दिया जाता है।”

Avanti Finance इस दिक्कत को दूर कर के कम दरों पर उधार उपलब्ध करायेंगे:

“Avanti एक ऐसा मंच है, जो कि कम दरों पर लोगों व संघों को उधार उपलब्ध करा कर कई गरीबों के जीवन में बदलाव लायेगा, जिससे उनका दैनिक जीवन, जीने का स्तर बहतर होगा और वे सफलताएं प्राप्त करेंगे।”

टाटा ने कहा।

Avanti मुख्य रूप से तकनीक का प्रयोग कर माइक्रोफ़ाइनैंसिंग प्रक्रिया को और भी तेज़ करने और ऑपरेशन का दाम कम करने कि ओर केंद्रित होगा, जिससे कि उधार की दर कम हो सके।”

वे तकनीक की सहायता से, देश में चल रही अनेक वित्त इंक्लूज़न सेवाओं को अपने मंच से जोड़ेंगे। और तो और, नंदन नीलकणी का मानना है कि Avanti सबसे अलग है, क्योंकि वे तकनीक का इतना विचित्र प्रयोग कर रहे हैं।

ये ध्यान में रखने वाली बात है कि भारत सरकार भी सभी लोगों को वित्तीय इंक्लूज़न में एक स्तर पर लाना चाहती है। कुछ माइक्रोफ़ाइनैंसिंग संस्थान पहले से ही ऐसे हैं, जो कि कम सेवा प्राप्त करने वाले सेगमेंटों को उधार देते हैं।

परंतु ये संस्थान कम संख्या में हैं और वे लोग अधिक, जिन्हें लोन की ज़रूरत है। साथ ही, वे इन संस्थानों तक पहुंच पाने में भी असमर्थ हैं। अब, Avanti Finance इन परेशानियों को तकनीक की सहायता से दूर करेगी।

एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, वे Tata की सोशल सेक्टर में उपस्थिती और Jan-Dhan-Adahar-Mobile, UPI (युनिफ़ाइड भुकितान इंटरफ़ेस) और भुक्तान बैंक ईकोसिस्टम जैसी स्कीमों का प्रयोग करेंगे।

“Avanti इस ईकोसिस्टम का प्रयोग कर, ज़रूरत के अनुसार ऐसे प्रोडक्ट डिज़ाइन करेंगे, जिससे उपभोक्ता को अनंत लाभ हो।”

बयान में कहा गया।

टाटा और नीलकणी इस प्रोजेक्ट में अपने निजी समाजसेवा फ़ंड से निवेश करेंगे। इससे प्राप्त हुए लाभ को भी इसी में लगाया जायेगा।

कंपनी ने MFI चलाने हेतु इजाज़त प्राप्त करने के लिये भारतीय रिज़र्व बैंक में भी आवेदन दे दिया है। उम्मीद है कि ये इस वित्त वर्ष के अंत तक शुरू हो जायेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन