खबर स्टार्टअप्स

DIPP बना रहा है भारतीय स्टार्टपों को लिये रियैलिटी शो और विशेष चैनल लाने की योजना

भारत में स्टार्टप ईकोसिस्टम में वृद्धी लाने के नज़रिये से ये प्रयास शायद सबसे महत्वपूर्ण हो। इंडस्ट्रियल पॉलिसी व प्रमोशन के डिपार्टमेंट (DIPP) ने सूचना व प्रसारण मंत्रालय को दूरदर्शन पर स्टार्टपों के लिये एक विशेष रियैलिटी शो प्रसारित करने के विषय पर पत्र लिखा है। यही नहीं, उन्होंने खेती को लिये DD Kisan को तर्ज पर ही स्टार्टपों के लिये एक नया चैनल लाने का निवेदन भी किया है।

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, डिपार्टमेंट Shark Tank जैसा एक रियैलिटी शो बनाने की उम्मीद कर रहा है। ये रियैलिटी शो जापान में उपजा और अब US में बहुत प्रचलित है। ये स्टार्टपों और उद्यमियों का प्रतिद्वंद दिखाता है, जो कि निवेशकों से निवेश प्राप्त करने के लिये एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं।

“हम शो में आने वाले स्टार्टपों व निवेशकों को खोजने के लिये एक एजंसी को नियुक्त करेंगे। असल निवेश विजेताओं को मिलेगा।”

एक वरिष्ठ DIPP अधिकारी ने बताया था।

रियैलिटी शो में उद्यमी अपने आइडिया को निर्णायकों, मेंटरों और निवेशकों के एक पैनल के सामने प्रदर्शित करेंगे। ये पैनल, फिर इन प्रतिद्वंदियों के आइडियाओं को प्रश्नों और कार्यों से परखगा। ये तो स्टार्टपों के Roadies जैसा हो गया – परंतु हमारे अनुसार, अधिक समझदारी वाला।

इससे भी अधिक मज़ेदार तो इन उद्यमियों और स्टार्टपों के लिये आने वाला नया चैनल होगा। इसी पर उपर कथित अधिकारी ने बताया:

“जैसा चैनल किसान के लिये है, वैसा ही स्टार्टपों के लिये हो सकता है।”

और हम इससे पूरी तरह सहमत हैं। स्टार्टपों के लिये निवेश व प्रसिद्धी जुटाने के अलावा, ये चैनल, विद्यालय के बच्चों और आम जनता को उद्यम को बारे में अवगत कराने का कार्य भी करेंगे।

सरकार चाहती है कि ये स्टार्टप अकाल, भू संरक्षण, कृषि, ऊर्जा व अन्य श्रेणियों में विकास करें। वे अगले महीने हैदराबाद में होने वाले Startup Fest में उद्यमियों व इनोवेटिव स्टार्टपों के लिये एक विशाल प्रतिद्वंद आयोजित करने के विचार में भी हैं।

ज्ञात हो कि DD Kisan भी एक 24 घंटे चलने वाला एक नया चैनल है, जो कि कृषी से संबंधित कार्यक्रम दिखाता है।

ये प्रयास सरकार के Startup India को भी एक नयी ऊंचाई देगा, जिसे लांच से अब तक बहुत ही ठंडा रिस्पांस मिला है। स्टार्टपों के लिये अलग किये गये ₹10,000 करोड़ में से, अभी तक सरकार ने मात्र ₹168 करोड़ जारी किये हैं।

और तो और, कर से छुटकारे के लिये, सभी स्टार्टप सरकार के नियमों पर खरे उतरने में भी विफल रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत, करीब 750 स्टार्टपों ने कर से राहत के लिये आवेदन दिया था, परंतु उनमे से मात्र 3 ही नियमों पर खरे उतर पाये हैं। साथ ही, और भी स्टार्टप इस नये प्रयास के ज़रिये, रियैलिटी पर आने वीले स्टार्टपों से उद्यम और स्टार्टपों के बारे में नयी चीज़ें सीख सकते हैं।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन