ई-कॉमर्स खबर

Amazon ने अपने Easy Ship प्लान के अंतर्गत लाया Automated Returns, जो विक्रेताओं को उपलब्ध करायेगा आसान वापसी व रीफ़ंड की सुविधा

भारत में अपना स्थान मज़बूत करने के लिये, Amazon कोई भी तरीका आज़माना नहीं छोड़ रही है। अपनी बहतर उपभोक्ता सेवा और ऑनलाइन खरीददारी अनुभव से भारतीय उपभोक्ताओं को रिझाने के बाद, अब वे विक्रेताओं को अपने मंच कि ओर आकर्षित करने के विचार में हैं।

ई-कॉमर्स मंच पर विक्रेता हमेशा ऊंची वापसी व रीफ़ंड दरों के बारे में कहते हैं, जिससे रिवर्स लॉजिस्टिक्स के दाम बहुत अधिक हो जाते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिये, Amazon ने Automated Returns नाम का कार्यक्रम लाया है।

Amazon Automated Returns के अंतर्गत, अपनी लॉजिस्टिक्स सेवा का प्रयोग करने वाले विक्रेताओं को कंपनी रीफ़ंड व वापसी की सेवा कुल ₹5000 में उपलब्ध करायेगी। ये ई-कॉमर्स दानव अपने इस कार्यक्रम के ज़रिये विक्रेताओं के लिये वापसी व रीफ़ंड की सेवी को परेशानी रहित बनाना चाहती है।

एक ET रिपोर्ट ने ये जानकारी विक्रेताओं के मेल के आधार पर उजागर करी। मंच पर लिस्ट किये गये विक्रेताओं को भेजे गये ईमेल में Amazon ने कहा:

“Amazon अब एक ‘Automated Returns’ नाम का कार्यक्रम लांच कर रही है। अब Amazon आपके लिये वापसी और रीफ़ंड का ध्यान रखेगा, ताकि आप अपना ध्यान अपने व्यापार पर केंद्रित कर सकें। 1 सितंबर, 2016 से आपको मिलने वाले सभी Easy Ship रिटर्न स्वतः इसी कार्यक्रम के अंतर्गत आ जाते हैं।”

Amazon ने ये कदम ऐसे समय पर उठाया है, जब विक्रेताओं ने Flipkart की वापसी पॉलिसी को लेकर असंतोष जताया है।

इस वर्ष Flipkart ने अपनी शिपिंग पॉलिसी में ऐसे बदलाव लाये थे, जिसके कारण विक्रेताओं के ऊपर शिपिंग, रिवर्स शिपिंग और हर वापस आये प्रोडक्ट पर कलेक्शन फ़ीस का अधिक दबाव पड़ रहा था।

Flipkart के कयी विक्रेताओं ने इन पॉलिसी बदलावों को लेकर असंतोष भी जताया था। परंतु Flipkart ने इन विक्रेताओं को यह कहते हुए अनसुना कर दिया कि उनकी वापसी पॉलिसी पूरी इंडस्ट्री में उत्तम व आसान है।

ऑनलाइन शॉपिंग में वापसी का दर हमेशा अधिक रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फ़ोनों, मोबाइल ऐक्सेसरियों, कपड़ों और गहनों मे ये 50% भी जा सकता है। इससे विक्रेताओं के ऊपर रिवर्स लॉजिस्टिक्स व अटकी हुई इंवेंटरी के रूप में दबाव बढ़ता है।

बेतुके रीफ़ंडों से बचने के लिये, दोनों ही ई-कॉमर्स कंपनियों ने हाल ही में वापसी की समयवधि 30 दिनों से घटा कर 10 दिन कर दी है।

एक कदम आगे बढ़ कर, Amazon ने कुछ सामानों पर विक्रेताओं पर लगे कमिशन को 7% तक घटाया था। वहीं दूसरी ओर, Flipkart ने ये कमिशन 5% तक बढ़ा दी, जिसके कारण विक्रेताओं में और भी असंतोष हो गया है।

हाल ही में, इतनी जल्द होने वाले पॉलिसियों में बदलावों के बारे में All India Online Vendors Association (AIOVA) के विक्रेताओं ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी लिखा था।

इन बदलावों से उन्हें अपना व्यापार प्रोसेस भी बदलना पड़ता है, जिसके कारण उनके ऑपरेशनल खर्च अधिक हो जाते हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिये सरकार से इनपर नियंत्रण लगाने के लिये कहा।

परंतु Amazon द्वारा लाया गया नवीनतम बदलाव ज़रूर इन विक्रेताओं को कम से कम वापसी व रीफ़ंड के मामले में सुरक्षित रखेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन