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Ola ने किया TaxiForSure को बंद, 1000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता

स्थानीय राइड हेलिंग सेवा TaxiForSure के अधिग्रहण के मुश्किल से डेढ़ सालों बाद, Ola ने अपना आखिरी दांव खेल कर कंपनी को बंद कर दिया है। इससे बुरा तो ये है कि करीब 90% या फिर 700 के करीब TaxiForSure कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

जैसे कि आपको पहले ही पता है, Ola अधिग्रहण के बाद धीरे धीरे TaxiForSure के व्यापार को खुद से जोड़ रही थी। TFS की सस्ती राइडों को अपने मंच पर जोड़ने से शुरवात कर, Ola ने बाद में वो सेवा Micro राइड के रूप में अपने मंच पर ही ले आयी। पिछले वर्ष इसी समय के आस पास Ola ने 22 शहरों में TaxiForSure के ऑपरेशन एक स्वतंत्र ब्रांड के रूप में बंद कर दिये थे।

सूत्रों (छः अभी के व पूर्व Ola कर्मचारी), ने ये बताया कि Ola ने धीरे-धीरे TaxiForSure का व्यापार पूरी तरह ही बंद कर दिया, जिसकी शुरवात 30 जुलाई को हो गयी थी। बर्न रेट कम करने और लाभकारी होने के लिये कंपनी ने TFS को बंद कर दिया है और उनके सभी चालकों को अपने मंच से जोड़ लिया है। कंपनी इधर बीच TFS के चालकों को बहतर सेवा, चालकों और अनुभव के लिये Ola ऐप से जुड़ने के लिये उक्सा रही है।

The Tech Portal को मिले इलेक्ट्रॉनिक बयान में Ola ने कहा:

“TaxiForSure के उपभोक्ताओं के लिये ईकॉनॉमी ब्रांड के रूप में मूल्य को Ola Micro के लांच के साथ Ola मंच पर जोड़ दिया गया है। इतने कम समय में Ola Micro के इतना सफल होने के पीछे TFS का बहुत बड़ा हाथ है। Ola Micro 90 शहरों में बहुत ही कम समय में विस्तृत हुआ है और किसी भी मोबिलिटी मंच पर पहली बार आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या इसी के ज़रिये सबसे अधिक है। इससे हमें कम दाम में देश भर को मोबिलिटी उपलब्ध कराने के हमारे उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायता मिली।”

वहीं दूसरी तरफ़, कंपनी ने मानव संसाधन और पर्सनेल पर खर्च सीमित करने के लिये कई लोगों को बाहर का रास्ता भी दिखाया। देश की सबसे बड़ी कैब कंपनी Ola से जुड़ने का विचार लिये आये करीब 1,300 में से करीब 250 लोग ही जुड़े रह पाये हैं। इनमें से कुछ, जिनमें सी.ई.ओ. भी शामिल हैं, ने कंपनी नयी चीज़ें ढूंढ़ने हेतु छोड़ दी थी।

इन लेऑफ़ों का खतरा इनकी भोजन डिलिवरी सेवा Ola Cafe और हायपरलोकल डिलिवरी सेवा Ola Store के बंद होने के बाद से ही मंडरा रहा था। TechCircle की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतम निचले व मध्यम वर्गीय कर्मचारियों को रखा गया है और B-स्कूलों से लिये गये ऊपरी वर्ग के अधिकारियों को हटाया जा रहा है।

निकाले जा रहे कर्मचारी देश के अनेक शहरों के कॉल सेंटरों, चालक रिलेशन्स और व्यापार विकास के ऑपरेशनों में थे। इन कर्मचारियों को भरपाई के रूप में तीन महीनों के वेतन दिये जा रहे हैं।

“सभी TFS चालक-साझेदारों और उपभोक्ताओं के Ola ऐप पर आने के बाद ये जुड़ाव पूरा हो गया है। इस जुड़ाव के तहत, पिछले 18 महीनों में हमने बहुत अधिक ऑपरेशनल एफ़ीशियंसी प्राप्त करी है, जिससे उपभोक्ताओं और चालक साझेदारों, दोनों के लिये अनुभव बहतर हुआ है। इस कार्य में, जितने TFS कार्मचारियों को हम Ola से जोड़ सकते थे, हमने जोड़ा। जो स्थान अब रहे ही नहीं, उनके लिये भी हम बहतर सर्वेंस लाभ और बाहर नियुक्तियों के विकल्प दे रहे हैं, जिससे वे नये करियर अवसरों को प्राप्त कर सकें।”

हमें भेजे गये एक बयान में कंपनी ने जोड़ा।

परंतु Ola ने TaxiForSure का ये अधिग्रहण बेकार नहीं होने दिया। वे तकनीक और मानव संसाधन टीमों को जोड़ भी चुके हैं, और वहीं चालक संबंध और कॉल सेंटर टीमों को अलग रखा गया है।

एस सूत्र ने बात इसपर अंत करी:

“Ola ने अधिग्रहण के समय से, TaxiForSure की ब्रांड पोज़िशनिंग के बारे में स्पष्टता नहीं दिखायी है। धीरे-धीरे TaxiForSure वाहनों को Ola मंच पर भेजा गया और वहीं चालकों के लिये इंसेंटिव भी बहतर थे।

रीस्ट्रक्चरिंग व मैनेजमेंट बदलाव

सबसे विशाल अमरीकी स्टार्टप से प्रतिद्वंद करने के विचार में, Ola ने अपने टैक्सी व्यापार को केंद्र बनाने के लिय अपने पूरे मॉडल में बदलाव लाये हैं। इन्होंने बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, दिल्ली-NCR, मुंबई, जयपुर, पुणे व कल्कत्ता में अपने निवेश डायरेक्ट करने का निर्णय लिया है। Ola को अपने रेवेन्यू का 90% इन्हीं शहरों से मिलता है।

रीस्ट्रक्चरिंग के अलावा, कंपनी को अपने वरिष्ठ अधिकारियों को रोकने में भी मुश्किल हो रही है। वर्ष के शुरवाती में, दो वरिष्ठ अधिकारियों, कैब मैनेजमेंट के प्रमुख प्रदीप दोडले और प्रोडक्ट्स की असोसियेट वाइस प्रेज़िडेंट हर्षा कुमार ने कंपनी छोड़ी थी।

भारतीय ईकोसिस्टम में कंसॉलिडेशन और व्यापार की रीस्ट्रक्चरिंग स्टार्टपों के लिये एक मुख्य उपाय बनता जा रहा है। Ola एकलौती ऐसी नहीं है जिन्हें निवेश जुटाने, रीस्ट्रक्चरिंग और मैनेजमेंट शफ़लिंग जैसी परेशानियां देखनी पड़ रही हैं। अगर आपको याद हो, तो Flipkart को भी अनेकों मार्कडाउनों, अनेक वरिष्ठ पदों पर बदलाव और हाल ही में आयी निवेशों की कमी से जूझना पड़ रहा है। इन्होंने ऑर्गनाइज़ेशनल रीस्ट्रक्चरिंग और लेऑफ़ का सहारा भी लिया और वो भी उनके मुताबिक, पश्चिमी प्रतिद्वंदी Amazon से प्रतिद्वंद करने के लिये।

बढ़ता प्रतिद्वंद

ये कदम Ola कि ओर से ऐसे समय पर आया है, जब आने वाले महीनों में, देश की कैब सेवाओं के बीच प्रतिद्वंद निश्चित ही बढ़ेगा। चीन में अपना बाज़ार खोने और अपना व्यापार स्थानीय कंपनी Didi को बेचने के बाद, Uber के पास भारतीय ऑपरेशन में लगाने के लिये पर्याप्त निवेश है।

परंतु Ola को भी कम मानना ग़लत होगा, क्योंकि हाल ही में ख़बर आयी थी कि इस कंपनी को Vanguard Group से $57.3 मिलियन के निवेश प्राप्त हुए थे। ये था दिसंबर में, इनके $500 मिलियन के सत्र के एक महीने बाद ही। और हाल ही में आये बदलाव के कारण, वे एक नये सत्र के लिये अपने निवेशकों Didi Chuxing और SoftBank Group से वार्ता में है। ये पिछली बार की तरह नये निवेशकों से निवेश भी ले सकते हैं।

Ola को गिराने के लिये कलानिक की ताक़त लगाने और अग्रवाल के हार न मानने के बीच, ये देखना दिलचस्प होगा कि कौन भारतीय राइड हेलिंग सेवा में लड़ कर विजयी होता है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन