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दो भारतीय टीन Google के विज्ञान मेला 2016 के फ़ाइनल में

दुनिया की सबसे बड़ी और इनोवेटिव कंपनियों में से एक होने के कारण, Google ने वज्ञान की सीमाएं परखने के लिये नन्हें दिमागों को बढ़ावा देने का कार्य अपने कंधो पर लिया है। और आज, छठी बार, कंपनी ने अपने वैश्विक विज्ञान मेले के 16 फ़ाइनलिस्टों की घोषणा करी।

Google को दुनिया भर के नन्हें व पैशनेट दिमागों से सैकड़ों, नहीं, हज़ारों आवेदन मिले होंगे। परंतु और भी कमाल की और हमारा ध्यान आकर्षित करने वाली खबर तो ये है कि शॉर्टलिस्ट किये गये प्रोजेक्टों में बैंगलोर व हैदराबाद के दो छात्रों के आवेदन भी थे।

“फ़ेफ़ड़े के कैंसर की जांच करने वाले ब्रेथलाइज़र से लेकर स्टायरोफ़ोम का कूड़ा कम करने वाले कार्बन फ़िल्टर तक, दुनिया भर के नौ देशों से आये ये 16 प्रोजेक्ट विज्ञान व इंजीनयिंग की सहायता से चीज़ें बहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।”

Google विज्ञान मेले की कार्यक्रम लीड, ऐंड्रिया कोहैन ने कहा।

सभी 16 फ़ाइनलिस्ट Mountain View यात्रा कर के $50,000 की छात्रवृत्ती के लिये प्रतिद्वंद करेंगे। विजेता की घोषणा 27 सितंबर, 2016 में एक कार्यक्रम में करी जायेगी।

आइये देखते हैं कि Google के विज्ञान मेले के फ़ाइनल में पहुंचने वाले नन्हें भारतीय छात्रों ने ऐसा क्या बनाया है।

KeepTab: याद करने वाले डीप ऐल्गॉरिदम की सहायता से याददाश्त बढ़ाने में सुविधा

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने कोई सामान इतनी हिफ़ाज़त से रख दिया हो कि वो आपको ही न मिल रहा हो? खैर, हां, हम बहुत भुलक्कड़ प्राणी हैं और बैंगलोर के 16 वर्ष के श्रियांक के पास इसका उत्तम उपाय है।

उनका प्रोजेक्ट ‘KeepTab’, एक पहना जा सकने वाला डिवाइस है, जो कि क्लाउड आधारित गहरी लर्निंग की सहायता से रोज़मर्रा के सामानों के स्थान याद रखने में मनुष्यों की सहायता करता है। ये एक ऐसे समय पर इजात किया गया है जब लगातार बढ़ने वाली याददाश्त की बीमारियां, जैसे कि डिमेंशिया, अल्ज़ाइमर, ऐम्नीज़िया बढ़ती जा रही हैं।

पैडी खेतों के लिये स्वचलित जल मैनेजमेंट व मॉनिटरिंग सिस्टम

भारत एक खेती के दम पर चलने वाला समाज है, जहां खेती देश के स्थानीय GDP का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। खेती जीवन का मुख्य सूत्र है, क्योंकि अधिकतम लोग गांवों के निवासी हैं। परंतु अधिकतम खेतिहर, पैदावार बढ़ाने को लिये अभी भी पुराने तरीकों पर निर्भर हैं।

हैदराबाद की रहने वाली मंशा फ़ातिमा ने चावल पैडी के खेतों में पानी के स्तर को नियंत्रित करने के लिये एक स्वचलित जल मैनेजमेंट व नियंत्रण सिस्टम बनाया है। पानी की ज़रूरत से अधिक खपत रोकने और हर फ़सल के लिये ज़रूरी पानी का स्तर मेंटेन करने की बाधा पौधे के बड़े होने के हर दौर में अलग पानी का स्तर अलग रखने से पार करी गयी है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन