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DST ने स्टार्टपों को सपोर्ट करने के लिये एक ₹100 करोड़ का कार्यक्रम NIDHI लांच किया

निजी वेंचर कैपिटल निवेश में आ रहे उतार चढ़वों के बाद भी, सरकार देश में आयी स्टार्टप लहर को बढ़ावा देने का एक भी मौका नहीं छोड़ रही है। महत्वाकांक्षी Startup India कार्यक्रम के और स्टार्टपों में निवेश हेतु ₹10,000 करोड़ का फ़ंड लांच करने के बाद अब दूसरी सरकारी एंजंसियां भी इसी में हिस्सा ले रही हैं।

विज्ञान व तकनीक डिपार्टमेंट (DST) ने अब इनोवेशनों को विकसित व हारनेस करने के लिये राष्ट्रीय प्रयास (National Initiative for Developing and Harnessing Innovation – NIDHI) लांच किया है।

₹100 करोड़ का ये कार्यक्रम मुख्य रूप से सिर्फ़ स्टार्टपों की इन्फ़्रास्ट्रक्चर व दूसरी मेंटरशिप ज़रूरतों को पूरा करने के लिये स्थापित किया गया है। DST, NIDHI के अंतर्गत तीन कार्यक्रम चलायेगा – NIDHI Prayas, NIDHI Seed Support System और NIDHI Centers of Excellence।

NIDHI Prayas के ज़रिये DST स्टार्टपों को विचार व प्रोटोटाइप के बीच की दूरी कम करने में सहायता करेगी। वे अपने द्वारा सपोर्ट किये जा रहे अनेक इन्क्युबेशन केंद्रों में 10 प्रयास केंद्र स्थापित करेंगे।

NIDHI के अंतर्गत सीड सपोर्ट सिस्टम शुरवाती चरण वाले स्टार्टपों को सीड निवेश उपलब्ध करायेंगे। वे उन्हें विस्तार करने में और अपने प्रोडक्ट विकसित कर के बाज़ार लाने के लिये सहायता देंगे। अगले चरण में NIDHI Centers of Excellence स्टार्टपों को और अधिक विस्तार के लिये तैयार करेंगे।

ये केंद्र सफल स्टार्टपों को वैश्विक रूप से विस्तार करने के लिये मेंटोर करेंगे व सपोर्ट देंगे। ये भी ध्यान में रखने वाली बात है कि DST अब तक 100 से भी अधिक तकनीक कि ओर केंद्रित इंक्यूबेटरों को सपोर्ट कर चुके हैं। वे एक इंक्यूबेटर स्थापित करने के लिये ₹15 करोड़ तक देते हैं। असल दाम इसपर भी निर्भर करता है, कि इन्क्युबेटर कहां स्थित है और किस तरह के स्टार्टपों को सपोर्ट करता है। वे सीड निवेश के लिये इंक्यूबेटरों को इसके अतिरिक्त ग्रांट भी देते हैं। इंक्यूबेटर ये पैसे फिर स्टार्टपों में लोन या एक्विटी के रूप में निवेशित करते हैं।

DST अब इस वर्ष 15-20 ऐसे ही स्टार्टप इंक्यूबेटर खोलने के विचार में है। वे इन इन्क्यूबेटरों के लिये निवेश सीमा ₹1 करोड़ तक बढ़ाने के विचार में भी हैं।

इसी संबंध में, राष्ट्रीय विज्ञान और तकनीक उद्यम विकास बोर्ड में विज्ञान और तकनीक डिपार्टमेंट के प्रमुख हरकेष मित्तल ने बताया:

“DST जल्द ही कुल निवेश सीमाओं को बदल कर ₹50 लाख से ₹1 करोड़ के बीच का निवेश करने के विचार में है। ये नयी सीमायें जल्द ही प्रयोग करी जायेंगी।”

NIDHI के साथ ही, DST ने भारतीय उद्यमियों व स्टार्टपों को सपोर्ट करने के लिये अनेकों स्कीमें लांच करी हैं। और तो और, ये दो दशकों से स्टार्टपों को सपोर्ट करते आ रहे हैं। इस दौरान, इन्होंने देश में विशेष शिक्षा संस्थान स्थापित करने के लिये ₹250 करोड़ तक का निवेश किया है। इसमें अनेक स्थानों पर विज्ञान व तकनीक उद्यमी उद्यान (Science and Technology Entrepreneur Park – STEP) और तकनीक व्यापार इंक्यूबेटर (Technology Business Incubators – TBIs) शामिल हैं।

इसके अलावा इन्होंने New Generation Innovation and Entrepreneurship Development Center (NewGen IEDC), Grand Challenges and Competitions for Scouting Innovations (GCC), Promoting and Accelerating Young and Aspiring Innovators and Startups (PRAYAS), Entrepreneur-In-Residence (EIR), Start up NIDHI, Technology Business Incubator (TBI), Seed Support System (SSS), Accelerator, Centers of Excellence भी लांच किये हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन