ई-कॉमर्स खबर

Snapdeal (आखिरकार!) GoJavas को अपना सप्लाय चेन ऑपरेशन बहतर करने के लिये अधिग्रहित करेंगे

अपने सप्लाय चेन ऑपरेशनों को मज़बूत बनाने के लिये Snapdeal संभवतः GoJavas को अधिग्रहित करने के विचार में है, जिसमें उनके पास पहले ही एक छोटा पर महत्वपूर्ण स्टेक है।

भारत में ई-कॉमर्स व्यापारों के लिये सप्लाय चेन व लॉजिस्टिक्स की बहुत महत्ता है। यहां तक कि Amazon को भी खुद को यहां के अनुसार ढाल कर भारत में अपनी स्वयं की लॉजिस्टिक्स सेवा Amazon Transportation Services लांच करनी पड़ी।

जहां बाकी सभी ने अपना अलग लॉजिस्टिक्स अंग बनाया, Snapdeal ने एक अलग रास्ता अपनाया। अपनी खुद की सेवा शुरू करने की जगह, उन्होंने GoJavas के साथ एक न्यूनतम स्टेक अधिग्रहित कर लिया। परंतु अब प्रतीत होता है कि न्यूनतम स्टेक सब कुछ नहीं और अब वे पूरी कंपनी को अधिग्रहित करने के विचार में हैं।

अभी ये स्पष्ट नहीं है कि Snapdeal इस अधिग्रहण के लिये GoJavas को क्या रक़म देने के लिये तैयार है। जब Snapdeal ने कंपनी का 42% हिस्सा ₹250 करोड़ में खरीदा था, तब GoJavas को ₹600 करोड़ पर वैल्यू किया गया था।

GoJavas को शुरवात में Rocket Internet द्वारा बैक किये गये ऑनलाइन फ़ैशन स्टोर Jabong के लॉजिस्टिक्स अंग के रूप में बनाया गया था। परंतु इसको 2013 में थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स फ़र्म की तरह अलग कर दिया गया था। जहां ये आज भी Jabong के डिलिवरी साझेदार हैं, GoJavas का अधिकतम व्यापार उन्हें Snapdeal से मिलता है। परंतु अधिग्रहण के बाद भी कंपनी Jabong के साथ साझेदारी जारी रखेगी, ये थोड़ा मुश्किल लग रहा है।

इस अधिग्रहण के बाद, कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में जो Amazon और Flipkart के कारण बाज़ार शेयर खोया है, उसे वापस हथियाने में उन्हें सहायता मिलेगी। Amazon ने सप्लाय चेन इंफ़्रास्ट्रक्चर और तेज़ ऑर्डर डिलिवरी के ऊपर फ़ोकस करना शुरू कर दिया, इसलिये उन्हें एक महत्वपूर्ण पोज़िशन मिल गयी।

कुछ सूत्रों से पता चला है कि Snapdeal ये अधिग्रहण अपने एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स यूनिट Vulcan Express के ज़रिये भी कर सकती है, जो कि उनके बल्क ऑर्डरों पर कार्य करते हैं और Snapdeal के डिलिवरी केंद्रों और तीन लाख विक्रेताओं का ध्यान रखते हैं।

जहां Snapdeal के संस्थापक ने पहले GoJavas के अधिग्रहण की बात को नकार दिया था, हाल ही में चल रहे कार्य कुछ और ही बयान करते हैं। कुछ करीबी सूत्रों न बताया कि GoJavas ने अपने पश्चिमी और दक्षिणी केंद्र बंद कर दिये हैं। साथ ही, सोमवार को GoJavas के मुख्य ऑपरेटिंग अधिकारी विजय घाटगे Vulcan Express से उनके सी.ओ.ओ. के रूप में जुड़ गये।

और तो और हमें ये भी पता चला है कि GoJavas कुछ समय से बाज़ार में निवेश जुटाने का प्रयास कर रह है, पर बिना किसी सफलता के। इसी लिये, ये अधिग्रहण दोनों कंपनियों के लिये एक लाभकारी डील लग रहा है।

GoJavas इस समय 300 शहरों के 3200 पिन कोडों पर डिलिवरी कर रहे हैं। आने वाले 12 से 18 महीनों में ये 600 – 800 शहरों में विस्तार कर इस संख्या को 4000 से 4,500 तक ले जाने के विचार में हैं।

इस क्षेत्र में Snapdeal के मुख्य प्रतिद्वंदी Flipkart और Amazon हैं। जहां Flipkart को मार्कडाउन पर मार्कडाउन झेलने पड़ रहे हैं, Amazon को हाल ही में $3 बिलियन के निवेश किये जाने का वादा मिला है, जिससे कुल निवेश $5 बिलियन के हो जाते हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन