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SIDBI फ़ंडों के फ़ंड से दस वैकल्पिक निवेश फ़ंडों को ₹675 करोड़ देने के विचार में

एक ET की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) स्टार्टपों के लिये अपने फ़ंडों के फ़ंड से स्टार्टपों को सपोर्ट करने हेतु और भी पैसे लगायेगा। SIDBI इस 12 जुलाई को मुंबई में दस वैकल्पिक निवेश फ़ंडों के आवेदनों को रिव्यू करेगा। इन फ़ंडों ने SIDBI से कुल ₹675 करोड़ का कमिटमेंट मांगा है।

SIDBI Venture Capital Investment (SVCL) की एक कमेटी इन आवेदनों की जांच कर के अपने सुझाव मंगलवार को SIDBI बोर्ड के सामने रखेगी।

इसी पर बयान देते हुए, चेयरमैन क्षत्रपती शिवाजी ने कहा:

“हम दस आवेदन ले रहे हैं, जिनमें कुल ₹675 के कमिटमेंट मांगे गये हैं, जिनके Venture Capital Investment Committee से क्लियरेंस प्राप्त करने के लिये उनके पास करीब ₹4,200 करोड़ के करीब का कॉर्पस होना आवश्यक है। प्रोसेस 12 जुलाई को मुंबई में आयोजित किया जायेगा।”

कमेटी में Infosys के सी.एफ़.ओ. मोहनदास पाई, भारतीय एंजल नेट्वर्क के संस्थापक सौरभ श्रीवस्तव, पूर्व NASSCOM प्रमुख किरण कार्णिक और हरकेष मित्तल जैसे नामी लोग शामिल हैं।

ये ध्यान में रखने वाली बात है कि SIDBI स्वयं स्टार्टपों में निवेश नहीं करता। पूरी तरह इसकी सब्सिडरी – SIDBI Venture Capital (SVCL) – स्टार्टपों में निवेश करती है। ये सरकारी बॉडी वेंचर फ़ंडों को सपोर्ट करते हैं, जो कि फिर स्टार्टपों में सीधा निवेश करते हैं। इनमें से कुछ स्टार्टप केंद्रित फ़ंडों में Yournest Angels, India Quotient, Blume Ventures, Ivycap और Orios Venture Partners जैसे नाम शामिल हैं।

स्टार्टपों के लिये फ़ंडों का फ़ंड

वर्ष की शुरवात में, इस सरकारी अंग को Startup India प्लान के तहत ₹10,000 करोड़ का कॉर्पस प्राप्त हुआ था। सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिये उस कॉर्पस में से ₹500 करोड़ की राशी पहले ही पारित कर दी है। ₹600 करोड़ और, अगले वित्त वर्ष में जारी किये जायेंगे।

₹500 करोड़ में से SIDBI ने पहले ही छः वैकल्पिक निवेश फ़ंडों में ₹168 करोड़ का निवेश कर दिया है। 31 मई, 2016 को, ये 95 फ़ंडों को सपोर्ट कर चुके थे। इन 95 फ़ंडों में से 47 स्टार्टप सेक्टर कि ओर केंद्रित हैं और बाकी स्टार्टपों और MSME समेत विस्तार चरण की कंपनियों में भी निवेश करते हैं।

स्टार्टपों कि ओर केंद्रित 47 फ़ंडों के लिये, ₹7522 करोड़ के कॉर्पस में से SIDBI ने ₹895 करोड़ की राशि का वादा दिया है। ये आम तौर पर कॉर्पस के 25% हिस्से का निवेश करते हैं और बाकी का निवेश फ़ंड अधिक आमदनी वाले व्यक्तियों, कॉर्पोरेटों और दूसरे संस्थानों से जुटाते हैं।

परंतु, वैकल्पिक निवेश फ़ंडों (AIF) को फ़ंडों के फ़ंड से निवेश प्राप्त करने के लिये कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं। उन्हें AIF नियमों, 2012 के अंतर्गत SEBI के साथ पंजीकरण करना होता है, और उनके पास 10 वर्षों के फ़ंड और पांच वर्षों तक का कमिटमेंट होना चाहिये।

और तो और, ₹500 करोड़ तक के कॉर्पस वाले AIFओं को कॉरपसों का 50% का या SIDBI के कमिटमेंट का दुगना निवेशित करना होगा, जो भी अधिक हो। इसी तरह, ₹500 करोड़ से अधिक कॉर्पस वाले AIFओं को ₹250 करोड़ या फिर SIDBI के कमिटमेंट का दुगना निवेशित करा होगा, जो भी अधिक हो।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन