खबर स्टार्टअप्स

Ola को पुनः सर्ज प्राइसिंग लगा कर कैब ऐग्रिगेटर नियम का उल्लंघन करने के लिये शो-कॉज़ नोटिस दी गयी

ज़िद्दी सरकार के कारण, कर्नाटक में कैब सेवा उपलब्ध कराने के लिये, कैब ऐग्रिगेटरों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्नाटक में ऐग्रिगेटर लाइसेंस पुनः प्राप्त करने के एक महीने बाद ही, Ola ने सर्ज दाम पुनः शुरू कर दिये। परिणाम? सराकर से शो-कॉज़ नोटिस।

सरकार के नये नियमों के अनुसार, कैब सेवाओं को अपनी यात्राओं पर पीक चार्ज करने की अनुमती नहीं है। इसी लिये, परिवहन डिपार्टमेंट ने इस नियम का उल्लंघन कर के सर्ज दाम पुनः लगाने और शटल सेवा शुरू करने की वजह जानने के लिये, Ola के नाम की एक शो-कॉज़ नोटिस जारी की है। प्रीय सरकार! यदी आपको समझ में न आया हो, तो वे यहां व्यापार कर रहे हैं।

परिवहन डिपार्टमेंट द्वारा जारी करी गयी नोटिस के अनुसार, उन्हें उपभोक्तओं से शिकायत मिली है कि Ola Cabs दोबारा से सर्ज दाम लगा रही है और शटल सेवा चला रही है। पिछले सप्ताह जारी की गयी नोटिस में कंपनी से एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा गया था।

सर्ज दामों के नये संस्करण में, Ola ने Uber से प्रेरणा लेते हुए यात्रियों को सिर्फ़ प्रति किलोमीटर के हिसाब से दाम बताना शुरू किया है। इससे पहले कैब ऐग्रिगेटर ‘ऊपर कि ओर वाला तीर’ दिखाता था, जिससे उस यात्रा पर लग रहा दाम सामान्य से कितने गुणा है (सर्ज दाम), वो पता लगता था।

Ola को भेजी गयी नोटिस से हमें ये भी पता चलता है कि वे 12+1 वाली मैक्सी कैब का प्रयोग बेंगलुरु में शटल सेवा उपलब्ध कराने के लिये कर रहे हैं। परंतु परिवहन अधिकारियों का मानना है कि ये सेवा न केवल नये ऐग्रिगेटर नियमों, बल्कि कर्नाटक के परिवहन नियमों के विरुद्ध भी है। उनका कहना है कि शहर के परिवहन सिस्टम का राष्ट्रीयकरण हो चुका है और केवल बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन परिवहन कॉर्पोरेशन (BMTC) ही शहर के बाहर के लोगों को ला, ले जा सकता है। और हम बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली समझते थे? सच?

मुद्दे पर बात करते हुए परिवहन के अतिरिक्त कमिशनर एच. जी. कुमार ने ET को बताया:

“Ola को ए.सी. कैबों पर लगे ₹19.50 प्रति किलोमीटर के और ए.सी. रहित कैबों पर लगे ₹14.50 प्रती किलोमीटर के किराये के कैप को तोड़ना नहीं चाहिये।”

लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रियाओं में, Ola ने एक अंडरटेकिंग दी थी, जिसमें उन्होंने ये वादा किया था कि वे ऊपर दी गयी कैप से आगे नहीं बढ़ेंगे। परंतु कैब ऐग्रिगेटर ने नियमों पर आंखें मूंद लीं, वो भी सरकार से इतना प्रोत्साहन प्राप्त करने के बाद।

परंतु ये खबर, इनके प्रतिद्वंदियों Uber को चौंका देगी, जो कि कर्नाटक में कार्य करने के लिये लाइसेंस प्राप्त करने हेतु एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रहे हैं। ये उन्हें Ola की निंदा करने का अवसर भी देगा, जो कि (Meru के साथ) Uber पर देश के नियमों का पालन न करने के कारण उंगलियां उठा रहे हैं।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन