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Ola के बाद अब Meru ने Uber के कानून के उल्लंघन के विषय में लिखा ब्लॉग

ये ट्रेंड बनता जा रहा है। हमें तो यही लगता है। ट्रेंड कौनसा आप पूछेंगे? अगर आप प्रतिद्वंदी कैब कंपनी है तो अपनी हर छोटी बड़ी उलझन को Uber पर निकालना। तो अब Ola के बाद, Meru हैं – जिन्हें हाल ही में बहुत सा निवेश भी मिला – जो कि Uber पर अपने प्रतिद्वंदी (या दोस्त?) Ola की तरह उसी टोन में अनेकों इल्ज़ाम लगा रहे हैं।

मेरी मानें, तो इन कंपनियों की कंटेंट टीमों ने साफ़ निर्देश दिये होंगे – कुछ भी लिखो, पर वो Uber के विरुद्ध ही होना चाहिये, चाहे वो सच हो भी या नहीं।

पहले तो, Ola ने Uber के विरुद्ध जान बूझ कर भारत मे नियम तोड़न के लिये एक मज़ेदार ऐफ़िडेविट फ़ाइल किया था। और अब, रेडियो टैक्सी ऐग्रिगेटर Meru उन सभी नियमों को गिना रहा है, जिन्हें Uber ने तोड़ा हो।

“क्या यही तरीका है कानून के प्रती आदर दिखाने का?” टाइटल की ब्लॉग पोस्ट में Meru ने Uber की उस पोस्ट का जवाब दिया है, जो कि Uber ने Ola के जवाब में दी थी। तो जब तक न्यायलय अपना निर्णय नहीं सुना देता, ये कंपनियां आपस में शब्दों का दांव पेंच खेल रही हैं।

Uber ने अपनी ब्लॉग पोस्ट में क्या कहा था

Uber ने हाल ही में Ola की उस पोस्ट का जवाब दिया था, जिसमें लिखा था कि Uber स्थानीय नियमों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने लिखा कि वे भारतीय कानूनों का आदर करते हैं और वे एक कानून के दायरे में कार्य करने वाली और लाभ के लिये कार्य करने वाली कंपनी हैं।

उन्होंने नये नियमों पर अपने विचार व्यक्त करने हेतु पूरी चुप्पी साधने पर भी अपने प्रतिद्वंदियों पर प्रशन उठाया।

“जमा करे गये अपने ऐफ़िडेविट में, हमारे प्रतिद्वंदियों ने नियमों पर कोई टिप्पणी नहीं करी है और याचिका के सब्जेक्ट मैटर पर मूक हैं। परंतु, इन्होंने बिना उन नियमों पर अपने विचार व्यक्त किये, माननीय न्यायालय को अपने झूटे इल्ज़ामों को सिद्ध करने के लिये चुना है।”

Uber ने लिखा।

इन्होंने इनोवेशन व तकनीक को बढ़ावा देने हेतु, टैक्सी ऐग्रिगेटरों के लिये नये नियमों को बनाने के अपने स्टैंड को भी और दर्शाया। Uber का मानना है कि इससे यात्रियों को विकल्प और चालकों को अवसर मिलेंगे।

“ये ‘स्थानीय नियमों के उल्लंघन’ के लिये नहीं, भविष्य के निर्माण हेतु आज हिस्सा लेने के लिये है – जिससे हम आज हमारे ओर आ रही इनोवेशनों का गला न घोंटें।”

Uber ने लिखा।

क्या आप इसी तरह नियमों के लिये आदर दिखाते हैं? – Meru ने Uber से पूछा

Meru ने Uber की सभी जगहों पर नियम तोड़ कर, फिर नियंत्रकों को नियम बदलने पर मजबूर करने की रणनीति पर प्रश्न उठाया है, जो कि Uber सदैव तकनीक के डिसरप्शन और इनोवेशन के नाम पर करती है।

“पूरे विश्व में, इनकी रणनीति एक ही रही है – पहले नियम तोड़ो, फिर बहुत से निवेश के दम पर अनरियलिस्टिक और प्रेडेटरी दामों के ज़रिये और चालकों को विशाल इंसेंटिवों के ज़रिये प्रतिद्वंद को तोड़ दो, फिर अगर स्थानीय सरकार किसी नियम के उल्लंघन के लिये आप पर प्रश्न उठाये, तो अपने सब्सिडाइज़ किये गये दामों के ज़रिये बनाये गये उपभोक्ताओं के दम पर नियंत्रकों को नियम बदलने पर मजबूर करो।”

Meru ने अपनी ब्लॉग पोस्ट में लिखा।

Meru ने Uber को उन सभी बारों की याद भी दिलायी, जब उन्होंने भारत में नियम तोड़े थे। उन्होंने Uber पर RBI के सभी ऑनलाइन भुक्तानों के लिये दो फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन के नियम के उल्लंघन को लेकर भी इल्ज़ाम लगाया, जिसपर RBI ने बाद में ज़बरदस्ती रोक लगायी थी।

“2013 में एक बहुत से निवेश प्राप्त कंपनी Uber ने भारत में प्रवेश किया, एक ऐसे भुक्तान सिस्टम के साथ, जो कि 2FA का पालन नहीं करता था और उसे बहुत बड़ा तकनीक इनोवेशन बताया।”

Meru ने लिखा।

उन्होंने भारत में प्रवेश के बाद भी लंबे समय तक सेवा कर का भुक्तान न करने का भी Uber पर इल्ज़ाम लगाया। और तो और, Meru ने Uber को पिछले तीन सालों में तोड़े गये नियमों की याद भी दिलायी – बैन के बाद भी दिल्ली में डीज़ल कारें चलवाना, शहर के अंदर पॉइंट-टू-पॉइंट सेवा के लिये AITP कैबों का प्रयोग, मुंबई में अनिवार्य होने के बाद भी अपने टैक्सी चालकों के लिये बैज न रखना और हां, दिल्ली व बैंगलोर में बैन के बाद भी सर्ज दाम चालू रखना।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन