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Apple को अपने स्वयं के स्टोरों के लिये नया आवेदन देने की ज़रूरत नहीं, भारत सरकार ने कहा

शुरवात में स्थानीय सोर्सिंग नियमों से छूट प्राप्त करने के लिये उनके आवेदन को अस्वीकार करने के बाद, भारत सरकार ने अब कुपरटीनो दानव की ओर और उदार रुख अपनाया है। पहले तो उन्होंने खुद इन नियमों में बदलाव लाये। और अब, ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने ये स्पष्ट कर दिया है कि नये नियमों के अंतर्गत दोबारा विचार करने हेतु Apple को फिर से आवेदन देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इन्होंने Apple को अपने स्थानीय सोर्सिंग नियम से अवगत भी कराया।

“अगर वे सोर्सिंग से तीन वर्षों का बचाव चाहते हैं तो उन्हें पुनः आवेदन देने की ज़रूरत नहीं है। परंतु, उन्हें अपने इस निवेदन को फ़ॉर्मल तरीके से सरकार के आगे रखना पड़ेगा।”

दो वरिष्ठ सराकरी अधिकारियों ने कहा।

ध्यान में रखने की बात है कि सरकार ने ऐसी एक ब्रांड कंपनियों के लिये स्थानीय सोर्सिंग नियमों में बदलाव लाये, जो कटिंग एज तकनीक पर कार्य कर रही हों। इससे पहले कंपनियों को स्थानीय MSMEयों, गॉंव व कॉटेज इंडस्ट्रियों आदि से 30% सामानों की सालाना सोर्सिंग करनी अनिवार्य थी।

रिलैक्सेशन के बाद, कटिंग एज तकनीक पर कार्य कर रही कंपनियों को इस नियम से तीन सालों के लिये छूट मिलेगी। परंतु तीन सालों बाद उन्हें स्थानीय इंडस्ट्रियों से 30% सालाना सोर्सिंग के इस नियम को मानना ही पड़ेगा।

भारत में Apple स्टोर

इससे पहले, DIPP सक्रेटरी रमेश अभिषेक के नेतृत्व में, एक तीन मेंबर के भारत सरकार के पैनल न भारत में Apple स्टोर खोलने के लिये उन्हें इस नियम से छूट प्राप्त करने हेतु समर्थन दिया था। परंतु, सरकार ने Apple की तकनीक के कटिंग एज होने पर प्रश्न उठाये थे और उन्हें इस नियम से छूट न देने का निर्णय लिया था।

अब लगता है कि सरकार ने अपने विचार बदल लिये हैं और इसलिये वे इस कूपरटीनो दानव को अपना स्टोर खोलने की अनुमती दे रहे हैं।

“पॉलिसी अब सभी के प्रयोग के लिये पबलिक डोमेन में है। परंतु कंपनी को एक कॉल किया गया था… अब Apple को ये बताना होग कि क्या वे भारत में नये नियमों के अंतर्गत प्रवेश करने के इच्छुक हैं या नहीं।”

नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा।

सरकार का मानना है कि नये नियम Apple को भारत में स्टोर खोलने के लिये आकर्षित करने हेतु पर्याप्त हैं। इस समय कंपनी अपने प्रोडक्ट फ़्रैंचाइज़ी मालिकों के ज़रिये ये बेच रही है।

भारत में सीधी बिक्री के साथ, Apple की भारत में सेल बहुत ही अधिक बढ़ने की संभावना है। ये बहुत ही ज़रूरी है, क्योंकि पूरी दुनिया में, भारत ही एकमात्र ऐसा बाज़ार है, जहां Apple ने इस वर्ष लाभ प्राप्त किये हैं। बाकी सभी बाज़ारों में, 13 सालों में पहली बार, Apple ने रेवेन्यू में कमी देखी है।

टिम कुक इस वर्ष भारत आये थे और उन्होंने भारत में Apple के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री मोदी, और Reliance जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारियों से बात करी थी। तो संभव है, कि ये जल्द ही भारत में अपने खुद के स्टोरों के साथ आ जायें और भारत में अपनी बिक्री को ड्राइव करें।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन