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न्यूनतम नियुक्तियों, एकत्रित डिपार्टमेंटों और केंद्रीय प्रबंध के साथ Flipkart ने लाभकारी होने की नयी रणनीति करी तैयार

ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Flipkart अपने अंदरूनी स्ट्रक्चर और प्रबंध व नियुक्ती रणनीति में बदलाव लाने वाले हैं। देखा जाये तो लाभकारी बनने के दबाव, Amazon के साथ जंग और निवेशकों का मन बदलने के प्रयास (जो कि ज़रा भी राज़ी होने को तैयार नहीं दिखते) के अंतर्गत ये अधिक चौकाने वाला कदम नहीं लगता।

लाभ को ध्यान में रखते हुए, इस बार कंपनी डिपार्टमेंटों को साथ लान और अपनी प्रबंध व नियुक्ती रणनीति में बदलाव लाने के प्रयास में है।

न्यूनतम नियुक्ती

IIM-A के छात्रों की नियुक्ती से पीछे हटने के लिये Flipkart की बहुत निंदा हुई। क्योंकि ये देश के सबसे चहेते स्टार्टपों में से एक हैं, इस कदम से बहुत से लोंगों ने स्टार्टपों मे नौकरियों के स्थायी होने पर भी प्रश्न उठाये। भले ही LinkedIn की एक रिपोर्ट के अनुसार ये देश के सबसे चहेते कार्यालयों में से एक रहे हों, पर Flipkart अब नियुक्तियां बहुत सोच समझ कर कर रहे हैं।

मुद्दे से वाक़िफ़ एक व्याक्ति ने बताया कि Flipkart नियुक्ती करने से पहले हर पद को बहुत ध्यान से इवैल्युएट करती है। कंपनी ने कहा कि वे अपनी ज़रूरतों के अनुसार नियुक्तियां करेंगे और अंदरूनी कौशल की वृद्धी पर केंद्रित रहेंगे।

“हमारी नियुक्तियां हमारे व्यापार उद्देश्यों के अनुसार हैं और हम हमारे केंद्र के स्थानों पर कुशल लोगों की नियुक्तियां अभी भी कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में हमने बहतरीन वैश्विक प्रोफ़ेशनलों की एक उम्दा टीम तैयार करी है। इस साल हम अपने कर्मचारियों के अंदरूनी विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं।”

कंपनी के एक वक्ता ने कहा।

डिपार्टमेंटों व प्रोडक्ट श्रेणियों का एकत्रिकरण

Flipkart अपनी प्रचार व ई-कॉमर्स युनिटों और eKart लॉजिस्टिक युनिट के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंटों को साथ ला रहे हैं। साथ ही, ये कुछ प्रोडक्ट श्रेणियों को भी जोड़ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर बड़े अप्लायंसों, छोटे अप्लायंसों, फ़र्निचर, गृह सज्जा, किचन व फ़र्निशिंग एक श्रेणी होम में आ जायेंगे।

मर्जर के बाद एक ही सेल्स व प्रचार टीम इन सभी श्रेणियों को संभालेगी। एक व्यकित के अनुसार, इससे नयी नियुक्तियां करने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी।

केंद्रीय प्रबंध और वेयरहाउज़ के स्वचलन में निवेश

Flipkart ने पहले ही विक्रेताओं पर कमिशन बढ़ा कर और वापसी प्रोडक्टों पर कमिशन बड़ा कर अपनी विक्रेता पॉलिसी में बदलाव लाये हैं। अब ये अपनी ज़रूरतों के लिये एक प्रोक्यरमेंट का केंद्र ढूंढ रहे हैं।

वो अनेक वेंडरों से बात करने के लिये ज़िम्मेदार होगा। ये मीडिया खरीद, प्रचार, IT, सप्लाय व वेयरहाउज़िंग समेत सभी फ़ंशनों खरीदों के लिये ज़िम्मेदार होंगे।

साथ ही, ये कॉस्ट और मनुष्य के इंटरवेंशन को कम करने के लिये अपने वेयरहाउज़ों और डिलिवरी ऑपरेशनों के स्वचलन पर निवेश करने के विचार में हैं। इन सभी प्रयासों से Flipkart अपने 30% तक कॉस्ट को कम करने की उम्मीद कर रही है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन