खबर

भारत में अपनी तेज़ विस्तार की रणनीति के तहत, Uber अपनी कर्मचारी क्षमता को दुगना बढ़ा कर 1000 करेगी

अदालत में कुछ मुकद्दमे और प्रतिद्वंदियों से कुछ आधार हीन कोर्ट याचिकायें Uber को भारत में तेज़ी से विस्तार करने के अपने प्लान से भटकाने के लिये काफ़ी नहीं हैं। LiveMint की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये $70 बिलियन से ऊपर का अपस्टार्ट 500 और लोगों को नियुक्त कर के अपनी कुल कार्य क्षमता को 1000 तक बढ़ाने के विचार में हैं।

रिपोर्ट में लिखा था कि Uber भारत प्रदीप देसू को नियुक्त करेगी, जिन्होंने कंपनी के नियुक्ति प्लानों के बारे में जानकारी दी।

“हम केंद्रीय मार्केटिंग टीम, ऑपरेशन्स टीम और गुणवत्ता के केंद्र को विस्तृत करने के लिये, इस वर्ष भारी नियुक्तियां करने के विचार में हैं। हम ऐसे तेज़ी से काम करने वालों को ढूंढ़ रहे हैं, जो कि विषम परिस्थितियों में भी बहतरीन कार्य कर सकें और साथ ही, वे पिरस्थितियों को समझने का प्रयास भी करें।”

देसु ने कहा।

इतनी बढ़ी नियुक्ति संख्या एक और ऐसा उदाहरण है जहां Uber सिर्फ़ भारत के लिये अपना कार्य करने का तरीका एक बार फिर बदल रही है। इसके पीछे कारण है Uber की नियुक्ती रणनीति, जिसके अनुसार, कंपनी प्रति शहर के लिये मात्र तीन कर्मचारियों को नियुक्त करती है। वे तीन ही उस शहर मे कंपनी के सभी ऑपरेशनों के लिये ज़िम्मेदार होते हैं।

भारत में भी 2014 में Uber के पास 10 शहरों के लिये 30 व हर शहर के लिये 3 कर्मचारी थे। परंतु ये संख्या 2015 की शुरवात तक 150 हुई और साल के अंत तक 500।

कमाल की बात है कि उसी साल Uber ने दावा किये कि उनके बाज़ार शेयर 40% तक बढ़ गये। परंतु दोनों कंपनियां ही बाज़ार शेयर के बारे में अपना अपना दावा रख रही हैं और हमारे पास सही अंकों को जानने का कोई तरीका नहीं है।

इनके बड़े नियुक्ती प्लान की वापस बात करें तो देश में इतने बड़े निवेश के बाद से Uber के लिये स्वाभाविक लगता है। Saudi Public Investment Fund से निवेश प्राप्ती के बाद इन्होंने भारत में और पैसा लगाने कि ओर संकेत दिये। साथ ही, Uber के लिये चीन के मुकाबले भारत बहुत ही महत्वपूर्ण बाज़ार है, जहां Didi Chuxing Uber से बहुत ही आगे हैं।

भारत में, Ola के 102 शहरों के मुकाबले, ये अभी 27 शहरों में ही उपलब्ध हैं। एक आइडियल सिचुएशन (बिना मुकद्दमों, लाइसेंसिंग परेशानियों, आदि के) में Uber Ola तक पहुंच सकती है। और उनकी नियुक्ति योजना भी इसी को दर्शाती है।

संभव Uber केंडिडेट

आम तौर पर Uber अपनी तकनीकी टीम के लिये IIT व दूसरे प्रेमियर कॉलेजों के इंजीनियरों को नियुक्त करती है। इधर बीच इन्होंने मार्केटिंग के लिये भी लोगों की नियुक्ती करना शुरू कर दिया है।

कंपनी हर टीम के लिये अलग की जगह एक ही केंद्रीय मार्केटिंग टीम स्थापित करने के विचार में है। इसी के बारे में बताते हुए देसु ने कहा:

“हमारे पासे पहले मार्केटिंग टीमें रह चुकी हैं, जो कि उस विशेष शहर में मार्केटिंग के लिये ज़िम्मेदार थीं। अब जैसे-जैसे हम विस्तार कर एक केंद्रीय मार्केटिंग टीम के लिये प्रयास कर रहे हैं, और ब्रांडों के साथ राष्ट्रीय साझेदारियों में प्रवेश कर रहे हैं, हमने एक केंद्रीय मार्केटिंग टीम बनायी है, जो कि और भी साझेदीरियां लाने और हमारे भारत के नेट्वर्क को मज़बूत बनाने कि ओर केंद्रित होंगी।”

इस लिये, ये IITयों व अन्य नामी कॉलेजों से इंजीनियरों के साथ ही मार्केटिंग कोऑर्डिनेटर भी नियुक्त कर रहे हैं। इन्होंने आर्ट्स व कॉमर्स स्ट्रीमों से नियुक्तियां करना भी शुरू कर दिया है।

कहा गया है कि पिछले वर्ष इन्होंने 100 लोगों की नियुक्ती करी, जिनमें से 80 आर्ट्स व कॉमर्स कॉलेजों से थे। इन कॉलेजों में दिल्ली के महिलाओं के लिये लेडी श्रीराम कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स शामिल हैं और कलकत्ता से सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन