ई-कॉमर्स खबर स्टार्टअप्स

अब बड़ी छूट सेलें नहीं, ई-कॉमर्सों ने नवीनतम FDI नियमों के लिये ये सभी तरीके कुछ समय के लिये त्यागे

भारत में ई-कॉमर्स की इतनी लोकप्रीयता बढ़ने के पीछे इनके द्वारा बिग बिलियन दिनों (Flipkart) और फ़्रीडम सेल (Amazon) जैसी सेलों में उपलब्ध करायी गयी भारी व अविश्वस्नीय छूटों का बड़ा हाथ है। परंतु रिपोर्टों के मुताबिक नवीनतम FDI नियम कंपनियों को प्रोडक्टों के दामों में बदलाव लाने की अनुमती नहीं देते, तो छूट के दिन तो समझिये कि अब लद ही गये।

मुद्दे की जानकारी रखने वाले पांच लोगों ने बताया कि ये कंपनियां थर्ड पार्टी विक्रोताओं द्वारा प्रोडक्टों पर दी गयी छूटों को तो अभी भी फ़ंड कर रहे हैं, पर सभी सेल प्लान व साथ के प्रचारों को निरस्त कर दिया गया है।

ई-कॉमर्स बाज़ार इस समय नियंत्रकों व ऑफ़लाइन विक्रोताओं को परेशान नहीं करना चाहेगा। सरकार ने अभी ही नये नियम घोषित किये हैं और ये उनके लिये बहुत ही शर्मनाक होगा अगर ऑनलाइन रीटेलर ऐसे ही कार्य करते रहें, जैसे कुछ हुआ ही न हो। तो, नियंत्रकों के गुस्से को न्योता न देने के लिये Flipkart, Amazon व Snapdeal ने सेलों व सेलों के प्रचारों को टाल दिया है।

नाम गुप्त रखने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा।

Flipkart ने मई के पहले सप्ताह में होने वाली केवल-ऐप सेल को रद्द कर दिया है और Amazon व Snapdeal ने भी अनेक श्रेणियों में भारी छूट उपलब्ध कराने वाली एक दिन की सेल को रद्द कर दिया है।

उपरोक्त व्यक्तियों के मुताबिक, ई-कॉमर्स कंपनियों अपने व्यापार को ऐसे पुनः स्ट्रक्चर कर रही हैं, जिससे वे त्योहार के समय पर तो छूट व सेल करा सकें।

क्योंकि त्योहार सीज़न, मुख्यतः दिवाली ऐसा समय है, जब इन मंचों पर अधिकतम बिक्री होती है, ये बहुत ही महत्वपूर्ण बन गया है कि ये फ़र्म उपभोगताओं को भारी छूटों व सेलों रिझाने के लिये कोई नया रास्ता ढूंढ़ें।

इन सभी में जो एक की कमी है, वो है Flipkart का Myntra, जिन्होंने अगले महीने तीन दिन की होने वाली अपनी सेल की पुष्टी करी है। ये है एक बड़े विक्रेता Vector E-Commerce की Myntra पर उपस्थिती के कारण, जिसके कारण इनका सेल करा पाना आसान हो गया है।

सरकार ने हाल ही में ई-कॉमर्स कंपनियों में 100% FDI की अनुमती दे दी है, पर दो शर्तों पर, जिस कारण इन सभी कंपनियों को अपनी रणनीति में भारी बदलव लाने के लिये विचार करने की ज़रूरत पड़ रही है।

उनमें से एक थी सामान के दामों को किसी भी तरह से नियंत्रित न किया जाये और दूसरी कि किसी भी एक विक्रेता के सामान की बिक्री पर सीमा लगायी जाये। दूसरी वाली बहुत ही रोचक है, क्योंकि कोई भी ई-कॉमर्स कंपनी किसी एक विक्रेता से 25% की बिक्री नहीं प्राप्त कर सकता है।

क्योंकि Cloudtail India Amazon की 40% बिक्री के लिये ज़िम्मेदार है और WS Retail Flipkart की करीब 25% बिक्री के लिये, दोनों को ही अपने मंच पर नये विक्रेता स्थापित करने होंगे। परंतु क्योंकि सरकार ने ये नियम 29 मार्च से ही लागू कर दिया था, मुश्किल है कि ये ई-कॉमर्स कंपनियां यह वित्त वर्ष ख़त्म होने के पहले ये मांग पूरी कर सकें।

वहीं Snapdeal ने पहले ही इस मांग को पूरा करने का दावा किया है और कहा है कि इनके मंच पर देश भर के करीब 300,000 विक्रेता हैं, जिस कारण से कोई एक बड़ा विक्रेती इनकी 25% बिक्री के लिये ज़िम्मेदार नहीं होगा।

परंतु जहां तक बड़ी छूटों की बात करें तो हर कंपनी ने कभी-न-कभी ऐसा किया है। तो ये देखना रोचक होगा कि कैसे ये कंपनियां कमबैक कर इन नियमों का पालन करते हुए छूटों के दम पर अपनी बिक्री बढ़ाती रहती हैं।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन