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Xiaomi की घरेलू सोर्सिंग पर निर्णय लेने के लिए भारत सरकार ने बनाया पैनल

यह निर्णय लेने के लिये कि क्या Xiaomi के पास वह आवश्यक ‘कटिंग एज तकनीक’ है, जिसके दम पर वह बिना स्थानीय सोर्सिंग के भारत में अपना एक-ब्रांड आउटलेट खोल सकते हैं, भारत सरकार ने एक तीन जनों का पैनल बैठाया है।

रिपोर्टों के मुताबिक यही पैनल अब इस श्रेणी में आने वाले सभी मुद्दों का निर्णय प्रति केस के आधार पर लेगा। पैनल में इंडस्ट्रियल पॉलिसी व प्रमोशन के डिपार्टमेंट (DIPP) के प्रमुख, NITI आयोग के मेंबर और टेलेकॉम व इनफ़ॉर्मेटिव मंत्रालयों समेत अथॉरिटियों के रिप्रेज़ेंटेटिव हैं।

महीने की शुरवात में Xiaomi ने सरकार से नियम के मुताबिक के 30% सोर्सिंग को माफ़ करने का निवेदन किया था, वो भी वाई-फ़ाई ऐम्प्लिफ़ायर, बिलूटूथ स्पाकर और पावर बैंकों समेत दूसरे प्रोडक्टों के लिये।

नये विदेशी सीधे निवेशों के नियमों के मुताबिक, अगर कंपनियां भारत में कटिंग एज व बहतरीन तकनीक लाते हैं, तो उनके लिये बिना आवश्यक मटिरियलों की 30% सोर्सिंग के, अपने स्टोर भारत में खोल सकते हैं। परंतु ये भी स्थानीय सरकार का मान्यता के अधीन है।

सरकार ने एक ब्रांड रीटेल में 100% विदेशी सीधे निवेश (FDI) की अनुमती जनवरी 2012 में दी थी। वहीं, 49% तक विदेशी सीधा निवेश स्वतः किया जा सकता है। 49% से ऊपर के निवेश के लिये विदेशी निवेश प्रमोशन बोर्ड से मान्यता लेनी पड़ती है।

51% से ऊपर के विदेशी सीधे निवेश के लिये यह आवश्यक है कि सामान का 30% हिस्सा भारतीय हो, बहतर अगर माइक्रो, छोटे व मध्यम वर्गीय एंटरप्राइज़ों, गांवों व कॉटेज इंडस्ट्रियों, कलाकारों व हस्तशिल्पकारों से आना चाहिये।

नवंबर 2015 में, भारत ने एक ब्रांड रीटेल क्षेत्र में 51% से अधिक निवेश करने वाली विदेशी कंपनियों के लिये 30% स्थानीय सोर्सिंग का नियम हटा दिया गया। उन्होंने एक ब्रांड लाइसेंस वालों को अपने खुद के ऑनलाइन मंच के ज़रिये अपने प्रोडक्ट बेचने की अनुमती भी दे दी।

हमें ये नहीं पता हो कि भारत सरकार के लिये कटिंग एज तकनीक दरसल है क्या। परंतु ET से बात करते हुए एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा:

कोई भी ऐसी तकनीक, जिसे न भारत में बनाया जा सका है और न बनाया जा सकेगा, वही कटिंग एज तकनीक मानी जायेगी।

परंतु एक ब्रांड स्टोर खोलने के लिये आवेदन देने वाली कंपनियों में Xiaomi पहली नहीं है। Apple ने भी अपने बहतरीन प्रोडक्ट अपने एक ब्रांड रीटेल स्टोरों व ऑनलाइन बेचने के लिये सोर्सिंग नियम से राहत मांगी है।

Apple व Xiaomi के अलावा एक और चीनी कंपनी Gionee के भी इस लाइसेंस के लिये आवेदन देने के लिये तैयार है, जिससे वे दिसंबर 2016 अपने रिटेल स्टोरों संख्या को 250 पहुंचाना चाहते हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन