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Peppertap अपनी ग्रोसरी डिलीवरी सेवा करेगा बंद, व्यापार अब लोजिस्टिक्स पर होगा केंद्रित

इस वर्ष आई निवेशों में कमी की तपिश हायपरलोकल को अभी भी झेलनी पड़ रही है। साल की शुरवात में बड़े शहरों में ऑपरेशन बंद करने के बाद, हायपरलोकल डिलिवरी स्टार्टप PepperTap अब अपनी किराना डिलिवरी सेवा को आने वाले एक महीने में पूरी तरह बंद कर रहे हैं। फ़र्म ई-कॉमर्स कंपनियों के लिये लॉजिस्टिक सेवा को मज़बूत बनाने पर अधिक केंद्र रखेंगे।

इसकी अभिभावक कंपनी Nuvoex Logistics पहले से ही एक रिवर्स लॉजिस्टिक्स व्यापार चलाती है और PepperTap आगे उस लॉजिस्टिक तकनीक को बढ़ा कर यह B2B स्टैक पूरा करेगा।

वे अपना किराना डिलिवरी व्यापार बंद कर रहे हैं, जिससे वे अपने लॉजिस्टिक्स भाग पर अधिक केंद्रित रह सकें। कंपनी के पास उसे (B2B लॉजिस्टिक्स व्यापार को) बढ़ाने के लिये बैंक में पर्यापत कैश है।

मुद्दे से वाक़िफ़ एक व्यक्ति ने बताया।

Nuvoex Logistics पहले से ही 30 शहरों में कार्य कर रहे हैं और रोज़ाना के 10,000 से 12,000 ऑर्डर पूरे कर रहे हैं। इनके उपभोगताओं में Snapdeal, ShopClues और PayTM जैसी ई-कॉमर्स सेवाएं शामिल हैं।

और PepperTap इसी व्यापार को बढ़ाने और Delhivery और Parcelled आदि जैसी कंपनियों से मिल रहे प्रतिद्वंद को कम करने में सहायता करेगी।

YourStory को दिये गये एक बयान में PepperTap के सी.ई.ओ. नवनीत सिंह ने कहा:

PepperTap को बंद करना हमारे लिये बहुत ही मुश्किल परंतु आवश्यक निर्णय है। लॉजिस्टिक क्षेत्र में हमारा प्रवेश एक सोचा समझा निर्णय है और उपभोगता व व्यापार केंद्रित लॉजिस्टिक में हमारा अनुभव हमें अगले जनरेशन के लिये लॉजिस्टिक सेवा बनाने में सहायता करेगा।

PepperTap को 2014 में स्थापित किया गया था और तबसे इन्होंने चार निवेश सत्रों में $50 मिलियन से ऊपर का निवेश जुटा लिया है। पिछली दिसंबर, कंपनी ने दावा किया था कि वे रोज़ाना करीब 20,000 ऑर्डर डिलिवर कर रहे थे। उसी महीने इन्होंने $4 मिलियन का निवेश जुटाया था और एक और हायपरलोकल किराना बाज़ार Jiffstore का अधिग्रहण किया था।

Grofers और BigBasket जैसे भारी बैकप वाले प्रतिद्वंदी और शायद कमज़ोर युनिट ईकोनॉमिक्स ने कंपनी को ऑपरेशन बंद करने पर मजबूर किया है। उन्हें पिछली सितंबर आगरा और मेरठ में ऑपरेशन बंद करने पड़े थे, और उसके बाद मुंबई, कलकत्ता, जयपुर और चेन्नई समेत छः और बड़े शहरों में।

परंतु केवल PepperTap ही नहीं, बल्कि पूरे हायपरलोकल सेगमेंट को निवेशों में आये शुरवाती धीमेपन से जूझना पड़ रहा है। एक्स्पर्टों की मानें तो तकरीबन सभी हायपरलोकल डिलिवरी स्टार्टप बहुत कम लाभ मार्जिन पर कार्य करते हैं और हर डिलिवरी पर हानी उठाते हैं, जिसकी वजह से बिना बाहरी फ़ंडिंग के व्यापार बनाये रखने मुश्किल होता है।

PepperTap से पहले Localbanya और Townrush जैसे स्टार्टपों को भी सस्टेनेबल व्यापार खड़ा करने में और निवेश जुटा पाने में विफलता के कारण ऑपरेशन बंद करने पड़े हैं।Flipkart ने Nearby के ज़रिये और कैब ऐग्रिगेटर Ola ने Ola Store के ज़रिये हायपरलोकल स्टोरों को परखा, परंतु उन्हें कुछ महीनों में ही बंद कर दिया।

यहां तक कि Tiger Global, Sequoia और SoftBank से करीब $165 मिलियन का निवेश जुटाने वाले Grofers को भी इस वर्ष की शुरवात में करीब नौ शहरों में अपने ऑपरेशन बंद करने पड़े थे।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन