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Myntra छूटों को करेगा कम, लाभ के लिए लाएगा कुछ नई सेवाएँ

लाभार्थी होने के लिये Myntra एक ऐसी रणनीति को छोड़ रहे हैं, जिस पर भारतीय ई-कॉमर्स कंपनियां पूरी तरह से निर्भर रहती हैं – भारी छूटें।

अधिक छूट उपलब्ध कराने की जगह, कंपनी अपने सेवा पोर्टफ़ोलियो पर केंद्रित होकर प्रयोग-फिर-खरीद और परिवर्तन जैसी सेवाएं उपलब्ध करायेंगे। ऐसी सेवाओं के आने से कंपनी को बड़ा ब्रांड अलगाव मिलेगा।

Myntra के सी.ई.ओ. अनंथ नारायणन ने इसपर कहा:

थोड़े समय के युनिट अर्थ को चलाने वाले तीन आधार हैं छूट कम करना, वापसी समेत सप्लाय चेन दाम कम करना और बहतर उपभोगता अनुभव पर ध्यान देना।

यह सुनिश्चित करने के लिये कि उपभोगता छूट कम करने के बाद भी कंपनी से जुड़े रहें, ये मंच पर एक्स्क्लूज़िव ब्रांड लाने पर ध्यान दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Myntra की 20% बिक्री उनके निजी लेबल ब्रांडों से आती है, जिसे वे अगले वर्ष तक 30% ले जाना चाहते हैं।

सप्लाय चेन के क्षेत्र में, नारायणन ने कहा कि कंपनी ने पहले ही तरीका निकाल लिया है कि पैकेज को कम से कम यात्रा करनी पड़े, जिससे कॉस्ट कम हों।

परंतु लाभकारी बनने के लिये भारत के सबसे बड़े फ़ैशन ई-रीटेल ब्रांड का यह पहला प्रयास नहीं है। Myntra तब से अपने मंच के साथ प्रयोग कर रहे हैं, जबसे Flipkart ने 2014 में इनका $370 मिलियन में अधिग्रहण किया। पिछले वर्ष Myntra ने यह कहते हुए अपनी वेबसाइट बंद कर दी कि इनका 80% ट्रैफ़िक और 70% बिक्री मोबाइल ऐप से होती है।

परंतु यह समझते हुए कि वे उपभोगता बेस खो रहे हैं और भारत अभी कोई केवल-मोबाइल अनुभव के लिये तैयार नहीं है, कंपनी ने नवंबर 2015 में अपनी मोबाइल वेबसाइट पुनः लांच करी और पिछले महीने अधिकारिक रूप से इसका रीलांच किया।

महीने की शुरवात में Flipkart ने Myntra की फ़ैशन सेगमेंट में बाज़ार लीडरशिप बढ़ाने के लिये $50 मिलियन से भी अधिक डाले थे। ये इस नये कैश का प्रयोग 2017 तक लाभकारी होने में करेंगे। कंपनी साथ ही अपने व्यापार का वैश्विक विस्तार कर US बाज़ार में भी प्रवेश करने के विचार में हैं, जो कि $60 बिलियन का है – जो अगर सही से किये गया – कंपनी के लिये रेवेन्यू के नये स्त्रोत खोल देगा।

Flipkart के लिये Myntra की सफलता और आवश्यक्ता का पता इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उन्होंने कभी मर्ज करने का प्रयास नहीं किया – एक ऐसा कदम जो बड़े ब्रांड डाइल्यूशन और हानी ला सकता था। पूर्व सी.ई.ओ. मुकेश बंसल ने कहा था कि Flipkart और Myntra बहुत विविध उपभोगता गण पर केंद्रित हैं, इसी लिये मर्जर नहीं किया गया। जहां कंपनी ब्रांडों और अनुभव खरीद पर घ्यान दे रही है, Flipkart सुविधा ख़रीद पर केंद्रित है।

उन्होंने कमेंट किया था:

Flipkart फ़ैशन लांग टेल पर केंद्रित है। चुनाव बहुत बड़ा है पर औसतम बिक्री दाम Myntra से 30-40% कम है।

परंतु, हाल ही में Myntra के संस्थापक मुकेश बंसल ने कंपनी को छोड़ खेल, फ़िटनेस व होल्थकेयर में हाथ आज़माने का निर्णय लिया।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन