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अलीबाबा भारतीय ई-कॉमर्स बाज़ार में जल्द कर सकता है प्रवेश-रिपोर्ट

ऐसे वक़्त में, जब भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र में मूल्यांकन को लेकर कम्पनियाँ परेशानियाँ झेल रही हैं, चीनी कम्पनी Alibaba ने भारतीय बाज़ार में प्रवेश कर प्रतिद्वंद बढ़ाने का निर्णय लिया है। ET की रिपोर्ट की मुताबिक़ कम्पनी ने अपने ऑपरेशन विस्तृत कर इस वर्ष भारतीय बाज़ार में प्रवेश करने का निप्णय लिया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि Alibaba Group के प्रेज़िडेंट माइकल एवंस और ग्लोबल मैनेजिंग निदेशक के गुरु गौरप्पन भारतीय कम्यूनिकेशन व IT मंत्री रवी शंकर प्रसाद से शुक्रवार को मिल कर भारतीय बाज़ार में कंपनी की रुची के बारे में बताया।

यह ख़बर एक ऐसे वक़्त पर आई है जब चीन की अर्थव्यवस्था, जो कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी है, कुछ धीमी पड़ गयी है। इस समय, भारतीय ई-कॉमर्स (और पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था) एक आकर्षक बाज़ार है और Alibaba देर से यहां प्रवेश करने के बाद भी प्रभाव डालने लायक बड़ी है।

एक वरिष्ठ अधिकारी, जो इस मुद्दे से परिचित हैं, ने कहा कि कंपनी भारत में एक शानदार प्रवेश करने के लिये तैयार है और अपने विकल्पों को परख रही है कि खुद से शुरवात करें या स्टोर शुरू करने के लिये स्थानीय लोगों से साझा करें।

Alibaba के अधिकारियों से मिलने के बाद रवी प्रसाद ने कहा:

ई-कॉमर्स भारत में एक बढ़ता फ़िनॉमिना है और 50% की दर से विस्तार करते हुए, बड़े कैचमेंट क्षेत्र के साथ है, जो कि एक बड़ा संभावित बाज़ार बनाता है। हम उन्हें (Alibaba को) पूरा सहयोग देंगे। उनका भी भारत में वही (ऑनलाइन व ऑफ़लाइन) रणनीति का प्रयोग करने के लिये स्वागत है। वे स्वयं सेट अप कर सकते हैं (डिलिवरी मंचों से) य समय व परिक्षित डाक सेवा का प्रयोग कर सकते हैं।

यह सब उस समय, जब पिछले सप्ताह ही Alibaba ने $3 बिलियन का लोन क्सोज़ किया। जहां कंपनी ने यह बताया नहीं कि वह इस राशि का प्रयोग कहां करेंगे, इसका सबसे सीधा उत्तर है कि कंपनी ई-कॉमर्स व मीडिया स्टार्टपों में व भारत में अपनी युनिट सेटप करने में प्रयोग करेंगे।

अगर यह सच में भारतीय बाज़ार में प्रवेश करते हैं, तो Alibaba Flipkart, Amazon व Snapdeal के लिये बहुत बड़े प्रतिद्वंदी सिद्ध होंगे। उन्हें बाज़ार लीडर बने रहने के लिये अनेक नयी रणनीतियों के साथ आना पड़ेगा, क्योंकि Alibaba के पास बड़े निवेश हैं।

Alibaba कुछ समय से काफ़ी अधिक भारतीय स्टार्टपों में निवेश कर रहे हैं। परंतु कंपनी अपनी उपस्थिती अपने ई-कॉमर्स मंच के ज़रिये दर्ज करना चाहती है, जिसके लिये वे विश्व भर में जाने जाते हैं।

Assocham की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 के अंत तक भारतीय ई-कॉमर्स बाज़ार $38 बिलियन का हो जायेगा, जो कि पिछले वर्ष से 67% बढ़ोत्तरी है और 2009 से दस गुणा। उसमें आगे कहा गया कि इस अवधि के लिये रेवेन्यू कुछ पांच से सात गुणा बढ़ जायेगा।

परंतु Alibaba पहले से ही भारतीय बाज़ार में एक तरह से उपस्थित हैं। इस चीनी दानव ने भारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स मंचों में से दो में निवेश कर रखा है – Snapdeal व PayTM में। इनके पास PayTM में एक मजॉरिटी स्टेक है, जिसे भारत का सबसे बड़ा मोबाइल कॉमर्स मंच बताया जाता है। इनके पास Snapdeal में भी एक माइनॉरिटी स्टेक है।

हाल ही में खबरें आयीं थीं कि भारत का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स मंच Flipkart भी $1.4 बिलियन का निवेश जुटाने के लिये Alibaba के साथ वार्तालाप में है। परंतु डील को क्लोज़ नहीं किया गया है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी खुद का स्टोर खोलना पसंद करती है या उन कंपनियों से साथ साझा करती है जिनमें इन्होंने पहले से ही निवेश किया है। इससे पहले खबर आयी थी कि PayTM Aliexpress के 10,000 प्रोडक्टों को अपने मंच पर लिस्ट करेगी।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन