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एक दिन में पंजिकरण, स्टार्टअप्स के लिए तीन वर्ष की कर से छुट्टी – स्टार्टअप्स के लिये बजट 2016 से घोषणाएं सभी, संक्षिप्त में

बहु प्रतीक्षित बजट यहां है, और आने वाले स्टार्टपों व उद्यमियों के लिये इसे अच्छे व बुरे का संगम कहा जा सकता है।

अच्छे में कंपनी ऐक्ट का अमेंडमेंट है, जिसके बाद, कंपनियों का पंजिकरण एक दिन में हो जायेगा, जिससे उद्यमियों को उनके भविष्य के आइडियाओं के लिये बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह भी कहा कि अप्रैल 2016 से मार्च 2019 के बीच संस्थापित स्टार्टपों को 100% लाभ में पहले पांच में से तीन सालों के लिये कर से छुटकारा मिलेगा। वहीं, न्यूनतम वैकल्पिक कर देना ही पड़ेगा।

अगली बड़ी घोषणा थी कैपिटल कमायी के बारे में, जिसपर स्टार्टपों के फ़ंड के फ़ंड में निवेश करने पर कर नहीं लगेगा। साथ ही, बिना लिस्ट हुए फ़र्मों पर, लंबी अवधी का कैपिटल गेन, तीन वर्ष से दो वर्ष कर दिया गया है।

फिर भी, जिस चीज़ की अधिकतम मांग होन के बाद भी वो बजट से ग़ायब थी, वो थि एंजल कर, जो कि किसी भी फ़र्म के कर जिटाने पर लगता है।

Indifi Technologies के सह संस्थापक, श्री अलोक मित्तल ने कहा:

यह महनत वाला बजट है। हम निवेशों के लिये कैपिटल गेन को रैशनलाइज़ करने के कदम का स्वागत करते हैं, जिससे लिसेट की गयी कंपनियों को एक समतल भूमि मिले। फिर भी, एंजल कर पर हुई चुप्पी कानों को बहरा कर देने वाली थी।

दूसरे कर रिलीफ़ तरीकों में, ₹5 करोड़ से कम टर्नोवर वाली कंपनियों पर कॉर्पोरेट कर घटा कर सेस समेत सरचार्ज का 29% कर दिया गया है।

स्टैंड अप इंडिया स्कीम के तहत, पिछड़े वर्गों में उद्यम को बढ़ावा देने के लिये, सरकार ने दलित भारत चेंबर ऑफ़ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री (DICCI) से पिछड़े वर्ग के उद्यमियों के लिये उद्यमी हब बनाने हेतु साझा किया है।

इन्होंने महिला और पिछड़े वर्ग के उद्यमियों के लिये ₹500 करोड़ की राशि रखी।

यह वर्ष SC/ST के लिये उद्यम का वर्ष बनना चाहिये… यह 2.5 लाख उद्यमियों को लाभ देगा।

जेटली ने कहा।

उद्यम शिक्षा फैलान के लिये, उद्यम MOOCS से देश भर में सिखाया जायेगा। प्रशिक्षण 2200 कॉल्जों, 300 विद्यालयों और IITयों और 50 वोकेशनल प्रशिक्षण केंद्रों पर दिया जायेगा।

सरकार ने 1500 मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटरों के लिये ₹1,700 करोड़ अलग किये। सड़क परिवहन क्षेत्र में उद्यम लाने के लिये, मोटर वेकल ऐक्ट में बदलाव लाने के लिये आवेदन दिया गया है।

इसके साथ ही, बजट में डिजिटल भारत के लिये भी कुछ प्रस्ताव डाले गये थे।

इनमें अगले तीन सालों में 6 करोड़ घरों तक डिजिडल साक्षरता बढ़ाने के लिये, वित्त सेवाओं के लिये आधार का प्रयोग, किसानों के लिये ई-मंच और विद्यालय छोड़ने वाले सर्टिफ़िकेट और डिप्लोमा के लिये डिजिटल रिपॉज़िटरी बनाने जैसे प्रस्ताव बनाये गये हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन