खबर डिजिटल इंडिया

Free Basic के लिए फेसबुक को मिल रही कड़ी निंदा के चलते, फ़ेसबुक भारत की एम.डी. कृथिगा रेड्डी ने दिया

फेसबुक को, अपने भारत में पहले से ही चल रहे इस बेहद निराशाजनक सप्ताह के अंदर ही एक और बड़ा झटका लगा है फेसबुक की भारतीय हेड, कृथिगा रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा देकर, वापिस फेसबुक के मेंलो पार्क, कैलिफ़ोर्निया स्थित मुख्यालय जाने का फैसला किया है।

अपने निर्णय की Facebook पोस्ट से घोषणा करते हुए, रेड्डी ने कहा:

मैं आभारी हूं कि मैं दो देशों को अपना ‘घर’ कह सकती हूं, मुझे यह अवसर मिला और मैं अगले अवसर की प्रतीक्षा में और आप में से हर एक के साथ साझा करने के लिये उत्सुक हूं।

रेड्डी के इस्तीफ़े पर Facebook ने प्रतिक्रिया दी:

जैसा उन्होंने कुछ समय से सोचा था, कृथिगा रेड्डी वापस US आकर हमारी मुख्य कार्यालय की टीमों के साथ कार्य करेंगी। जिस तरह उन्होंने भारत में अपने ग्लोबल सेल को बढ़ावा दिया है, इसपर हमें नाज़ है।

भारत में उनके समय के दौरान, कृथिगा Free Basics से नहीं जुड़ीं थीं।”

अपने भविष्य के प्लानों के बारे में कृथिगा ने कहा:

मै अगला कार्य क्या करूंगी? अगले 6-12 महीनों तक तो व्यापार। मैं भारत में अपने उत्तराधिकारी को खोजने के लिये विलियम ईस्टन व डैन नियरी के साथ करीब से कार्य कर रही हूं। मैंने मेनलो पार्क में Facebook में नये अवसर तलाशना शुरू कर दिया है।

और जैसे-जैसे मैं यह कर रही हूं, यहां मेरे पहले सप्ताह की तरह मुझे अब भी कदम कदम पर आहा क्षण मिल रहे हैं, – कि हमारा उद्देश्य कितना बड़ा है, अवसर कितनी अधिक हैं और हर फ़ेसबुकर उम्मीद से अधिक प्रेरणादायक है।

यह कदम आया, जब Facebook को उनके Free Basics के लिये पहला वैश्विक बैकलैश मिला। Free Basics, जो कि नेट न्यूट्रैलिटी के एकदम विरुद्ध है, को टेलेकॉम नियंत्रक TRAI ने बैन कर दिया, जिसके बाद अमूमन साफ़ Facebook की छवि पर पूरी दुनिया से प्रश्न उठे।

इसके ऊपर, बोर्ड मेंबर मार्क ऐंड्रेसेन ने भारत व कॉलोनाइज़ेशन पर कुछ बेहुदा कमेंट डाले, जिन्हें न केवल उन्हों वापस लेना पड़ा, परंतु एक लंबा माफ़ीनामा भी डालना पड़ा। और इसी वजह से Facebook को इतनी नेकारात्मक PR मिली कि मार्क ज़करबर्ग को खुद माफ़ी मांग कर खुद को व कंपनी को ऐंड्रेसेन के बयान से अलग करना पड़ा।

मुद्दे ने और तूल पकड़ी जब RCom – Facebook के Free Basics साझेदार ने सेवा को पेड बना दिया। Facebook ने भी पूरी तरह इस सेवा को भारत से हटा कर रिस्पांड किया।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन