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पेटीएम अपने नये भुगतान बैंक के लिये अर्जित कर रही है $400 मिलियन का निवेश

एक आश्चर्य रहित कदम के तहत, भारत के सबसे नामी व बहुचर्चित तकनीक स्टार्टअप्स में से एक PayTM, ने अपने प्रस्तावित Payment Bank, PayTM Payments Bank के लिये जून तक $400 मिलियन तक का निवेश अर्जित करने का निर्णय लिया है।

मामले के करीबी सूत्रों ने TechCrunch को बताया कि राशी $400 मिलियन के करीब है, और जैसा कि One97 के संस्थापक विजय शेखर शर्मा पहले ही घोषित कर चुके हैं, यह बैंक ऐक अलग एंटिटी होगा। RBI के दिशा निर्देश के अनुसार, वह कंपनी का 51%, नियंत्रक भाग संभालेंगे और बाकी का भाग अभिभावक कंपनी को दे दिये जाने की बात कही जा रही है।

पिछले नवंबर, शर्मा ने संकेत दिया था कि वह अभिभावक कंपनी One97 Communications Ltd. में अपना 1% स्टेक गिरा सकते हैं। उन्होंने कहा था कि प्लान था कि ऑपरेशन लाभकारी होने तक वह बैंक में $25 से $50 मिलियन का कैपिटल लगायेंगे। अभी, शर्मा के पास अभिभावक कंपनी में 21% स्टेक है।

विजय शेखर शर्मा ने कहा था:

हम दिवाली-बाद बाज़ार में जायेंगे और पूर्व निवेशकों, बैंकों व वित्तीय संस्थानों से निवेश अर्जित करने का प्रयास करेंगे। स्टेक गिराना 1% से कम होगा। हम विचार कर रहे हैं कि हमें और फ़ंडों की ज़रूरत पड़े।

2010 में स्थापित और One97 Communications के स्वामित्व वाली PayTM के पास देश भर में करीब 100 मिलियन से अधिक निवेशक हैं जिन्हें मुख्यतः उपभोगता इनके बाज़ार से वस्तुएं खरीदने के लिये करते हैं। सेवा उपभोगताओं को मोबाइल रीचार्ज करने, बिल के भुगतान करने और बैंक ट्रांज़ैक्शन करने की सुविधा उपलब्ध कराती है।

कंपनी ने अभी तक निवेशकों से $700 मिलियन के निवेश की घोषणा करी, जिनमें Alibaba भी है। पिछले साल अगस्त में Alibaba के Ant Financial से $680 मिलियन अर्जित करने के बाद कंपनी का वैल्यूएशन $2.8 बिलियन पहुंच गया।

PayTM के नये कैपिटल जोड़ने का समाचार भी इंटरनेट पर आ रहे इनके व Flipkart के संभावित साझे के मध्य आ रहा है, जिससे यह वैश्विक Amazon व Snapdeal जैसे स्थानीय प्रतिद्वंदियों से आगे बढ़ सकें।

रिपोर्टें तो यह भी कह रही हैं कि विश्व-स्तरीय प्रतिद्वंदियों से निपटने के लिये PayTM व Flipkart के बाज़ार भी संभवतः साझा कर सकते हैं। एक दूसरा विकल्प है कि PayTM व Flipkart के बाज़ार आपस में जुड़ कर एक बड़ा बाज़ार बना लें।

पहले की वार्तालापों में एक ऐसा स्थान बनाने की बात हुई थी, जहां दोनों PayTM और Flipkart के बाज़ार चलाये जा जोड़े जा सकें।

शुरवाती वार्तालाप की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने TechCrunch को बताया।

Amazon न केवल Flipkart व PayTM की नाक में दम कर रहा है, बल्की सभी भारतीय ई-कॉमर्स कंपनियों के भी, जैसे-जैसे वह अपने भारतीय अंग में और कैश डाल रहे हैं। वहीं, उपमहाद्वीप के सबसे बड़े ईटेलर Flipkart को अपने अभी के वैल्युएशन पर निवेश मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़े रहा है।

शायद और निवेश जुटाने का निर्णय इस महीने की शुरवात में हंगज़ोऊ, चीन में हुई इनकी बोर्ड मीटिंग में लिया गया था। नये निवेश का प्रयोग इस बैंक को सेटप करे के लिये किया जायेगा। इससे, यह अपनी सेवाएं और थर्ड-पार्टी ऐपों व मंचों को उपलब्ध करा सकते हैं, जिनके पास बैंकिग लाइसेंस नहीं हैं।

यह सभी जानकारियां यह ध्यान में रखने पर और भी रुचीपूर्ण हो जाती हैं, कि PayTM का व्यापार लाभ में चल रहा है। यही एक कारण है कि PayTM को निवेश मिल रहे हैं, और संभवतः निवेशक भुगतान क्षेत्र में शर्मा के अनुभव पर कमाने के विचार में हों।

PayTM अपनी सफलता का श्रेय अपने कोर, भुगतान व्यापार को दे सकती है, जिसके कारण इनके $3 बिलियन की वैल्यू वाले सालाना ग्रोस मर्चेंडाइज़ आये हैं, कुल का 60%। परंतु, इनका ई-कॉमर्स डिपार्टमेंट कुछ कमाल नहीं दिखा सका – पर यह कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि 2015 के अंत तक अधिकतम वर्चुअल रीटेलरों का यहा हाल था।

विजय शेखर शर्मा बैंक के 51% के मालिक होंगे और कंपनी बाकी के 49% की। यह निर्णय भी निवेश जुटाने के निर्णय के साथ लिया गया था, बोर्ड मीटिंग में। उनका मानना है कि नये भुगतान तरीकों से निवेशकों का ध्यान आकर्षित होगा, जिससे PayTM का वैल्यूएशन बहुत बढ़ेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन