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Zomato ने भारत समेत अपने 23 में से 6 बाज़ारों से लाभ कमाना शुरू किया

जहां अधिकतर कंपनिया इस दौड़ में बने रहने के लिये प्रयास कर रही हैं, वहीं $1 बिलियन से ऊपर वैल्यू वाली कंपनी Zomato ने अपने 23 में से 6 बाज़ारों मे ऑपरेशनल लाभ कमाना शुरू कर दिया, जिनमें एक, दुनिया का सबसे कठिन बाज़ार है — भारत।

2008 मे स्थापित करी गयी Zomato अभी 23 देशों में उपस्थित है। इन 23 देशों में, यह 6 में लाभकारी हो गये हैं, और कहते हैं कि इस बढ़ंत का कारण इनके कोर प्रचार व्यापार के विस्तार व कड़ी वित्तीय पकड़ के कारण है।

उच्च अधिकारी के मुताबिक, कंपनी भारत समेत, UAE, लेबनान, कतर, फ़िलिपींस व इंडोनेशिया में लाभकारी हुई है। यह ख़बर तब, जब लगातार यह चर्चा चल रही है कि भोजन तकनीक कंपनियां एसा कौन सा व्यापार मॉडल प्रयोग कर सकती हैं, जिससे वह मेट्रो शहरों के आगे अपना विस्तार कर सकें।

Zomato पिछले छः से दस महीनों से खर्च कम कर व्यापार डायनैमिक को ठीक कर रही है, जिससे वह लाभकारी हो जायें।

परंतु यहां तक पहुंच पाने के लिये कंपनी को चार शहरों में ऑपरेशन बंद करने व 10% कर्मचारियों में कटौती करने जैसे बड़े कदम उठाने पड़े हैं। पर इन कड़े व समझदारी के कदमों से यह एक बहुत महत्वपूर्ण मील का पत्थर प्राप्त करने में सफल रहे हैं।

2014-15 के लिये, कंपनी ने रू95.7 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था और कुल रु136 करोड़ के इंट्रेस्ट, कर, कटौती व अमॉर्टाइज़ेशन के पहले हानी। इस वर्ष, कंपनी को उम्मीद है कि वह रेवेन्यू दुगने कर लेंगे।

नये शहरों में प्रवेश करने की जगह, कंपनी उन्हीं जगहों पर लाभ कमाने के प्रयास कर रही है जहां उन्होंने पिछले 18 महीनों में विस्तार किया था। यहां तक, Zomato ने यह पहले ही करना शुरू कर दिया है।

देश की पहली पीढ़ी की यूनीकॉर्न कंपनियों में एक, Zomato के गोयल ने पिछले दिसंबर कहा था कि कंपनी भोजन ऑर्डरिंग पर अधिक ध्यान देगी। उन्होंने यहां तक कहा था कि कंपनी अपने भोजन ऑर्डरिंग को दूसरे देशों में विस्तृत करने के लिये $40 मिलियन तक लगा सकती है।

निवेश भी इनके लिये अपने रास्ते पर है, क्योंकि हाल ही में Baidu ने भारत की तीन सफलता की कहानियों, Zomato, BookMyShow व BigBasket में निवेश करने के अपने प्लैन को सार्वजनिक किया। अभी अधिकतम चीनी कंपनियों की तरह, Baidu भी अपने मोबाइल व्यापार को विस्तृत करने में लगी है, जिससे O2O – जो अधिकतम मोबाइल कॉमर्स से होता है – एक ऑब्वियस पार्टी बन जाती है।

2008 में पंकज चढ्ढा व दीपेंदर गोयल द्वारा स्थापित Zomato ने पिछले वर्ष ही भोजन डिलिवरी व्यापार में प्रवेश किया था। कंपनी के मुताबिक इन्हें भारत में अपना 22% ट्रैफ़िक व कुल में 35% रेवेन्यू प्राप्त होता है। यह मासिक रूप से 10 मिलियन अलग-अलग उपभोगता होने का दावा करते हैं और कहते हैं कि रु 575 की औसत टिकट दर पर यह रोज़ाना 15,000 मीलें सर्व करते हैं।

Zomato के सह-संस्थापक व मुख्य अधिकारी दीपेंदर गोयल ने कहा:

हमने पिछले कुछ सालों में साल-दर-साल अपने रेवेन्यू दुगने किये हैं, और हम इस वर्ष भी बहतरीन अंक पेश करेंगे। हम जिन 18 बाज़ारों में बाज़ार लीडर हैं, उनमें से छः में हमें लाभ प्राप्त हो रहा है।

Zomato के सह संस्थापक पंकज चढ्ढा ने कहा:

हम अब इस लाभ को नियंत्रित कर और तेज़ी से बढ़ने के लिये व ऐसे देशों में प्रतिद्वंद करने के लिये प्रयोग कर सकते हैं, जहां हमें अधिक लाभ दिखता हो। यह अच्छी बात है कि हमें भारत व बाहर कहीं भी प्रयोग करने के लिये बाहरी निवेश की आवश्यक्ता नहीं पड़ती।

भारत में यह Rocket Interest के FoodPanda व स्थानीय Swiggy व TinyOwl जैसों से भोजन डिलिवरी में प्रतिद्वंद कर रहे हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन