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Apple अगले वर्ष तक ला सकता है लम्बी दूरी में भी काम करने वाली वायरलेस चार्जिंग तकनीक

ऐप्पल डिवाइस नियम के तहत ही अधिक दामों के होते हैं। पर कंपनी इन दामों की कमी को अपनी तकनीक से पूरा कर देती है। इसी के चलते, उन्होंने अपने स्मार्टफ़ोनों के लिये वायरलेस चार्जिंग लाने का लक्ष्य साधा है।

कोई भी स्मार्टफ़ोन उपभोक्ता सबसे अधिक बैटरी से ही परेशान होता है। इसलिए ऐसी कोई भी तकनीक, जो बिना चार्जर से चिपके आपका फ़ोन चार्ज कर दे, हाथों हाथ ली जायेगी। इसी लिये Samsung Electronics Co., Sony Corp. व Google Incorporated इस क्षेत्र में कुछ कमाल करने के प्रयास में हैं।

पर वायरलेस चार्जिंग ला पाना बहुत मुश्किल प्रतीत हो रहा है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत है कि दूरी बढ़ने से ऊर्जा में गिरावट का भी अधिक होना। इसी लिये अधिकतम लोग चार्जिंग मैट ही ला रहे हैं, जो भले ही सॉकेट से बहतर हो, पर वायरलेस चार्जिॉग से तो बहुत ही दूर है।

पर, Apple इस क्षेत्र में कदम रखने के लिये कमर कस चुका है। कंपनी के पास इससे संबंधित पेटेंट पहले से ही हैं, जिनमें 2010 में iMac द्वारा एक मीटर की दूर तक फ़ोन चार्ज कर पाने की तकनीक का पेटेंट है।

आधे दशक पुराना यह पेटेंट, जो पूरा भी नहीं हुआ, नियर फ़ील्ड मैग्नेटिक रेज़ोनेंस तकनीक का प्रयोग करता था-पर Apple ऐसी ही कुछ पोर्ट के पास रखी Apple Watch को चार्ज करने के लिये करता है। कंपनी के पास एक और पेटेंट है, जिसके ज़रिये चार्जिंग में डिवाइस बॉडी के खलल को ऐलूमीनीयम केसिॉग के ज़रिये कम कियै जा सकता है।

Apple के अनेक पेटेंट, उन्हें इस क्षेत्र में बहुत आगे से जाते हैं-या अपने प्रतिद्वंदियों से कुछ ही पीछे-जहां Broadcom Corporation व Qualcomm Inc. जैसी सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनिया ज़रूरी तकनीकों के विकास में बहुत समय से लगी हैं।

Apple ने अभी चार्जिॉग मैट पर अधिक ध्यान दिया नहीं है-यह कह कर कि इसमें फिर भी एक दीवार सॉकेट की ज़रूरत पड़ेगी ही। यह और अनेक पेटेंटों की उपस्थिती ऐसी कयासों को उपज देते हैं, जहां यह कहा जाये कि Apple एक वायरलेस चार्जिंग डिवाइस बनाने में लगा हुआ है, और यह 2017 तक ही बाज़ार में आ सकते हैं।

यह तकनीक न केवल iPhone, iPad व दूसरे Apple डिवाइसों के साथ चलेगा, बल्की Apple के लिये कमाई भी करेगा। पर, इससे पहले की आप अधिक इक्साइटेड होकर पैसे जोड़ने लगें, Apple अभी भी संभावनाओं को देख रहा है, इसलिये कोई स्पष्ट बात नहीं कही गयी है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन