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फ़ेस्बुक मेसेंजर अब वॉट्सैप के करीब, बढ़ा 800 मिलियन उपभोगताओं से आगे

Facebook Messenger, ने नये वर्ष की शुरवात के साथ एक नया मील का पत्थर भी हासिल कर लिया है। Facebook के मुताबिक, उनकी Messenger ऐप पर अब 800 मिलियन उपभोगता हैं।

और Facebook के इन बहतरीन बढ़ंत के आंकड़ों की पुष्टी रीसर्च फ़र्म Nielsen ने यह कह कर की कि Messenger की बहतरीन बढ़ंत 2015 में सभी ऐप्लिकेशनों से सबसे तेज़ है।

अब यह केवल WhatsApp के पीछे हैं। जहां इन दोनो की अभिभावक कंपनी एक होने के कारण इनमें तुलना करना गलत होगा, वहीं हम इसकी WhatsApp से तुलना करे बिना रह नहीं पाते।

WhatsApp का ऐक्टिव उपभोगता बेस चार महीने पहले 900 मिलियन था, अब संभव है कि यह 1 बिलियन तक भी पहुंच गये हों या उससे आगे भी बढ़ गये हों। जहां यह आंकड़े Messenger के लिये अभी भी दूर दिखते हैं, वहीं इसने Snapchat व Viber को बहुत पीछे छोड़ दिया है। इनका उपभोगता गण Facebook द्वारा इसका स्टैंड-अलोन ऐप बनाने के बाद बहुत बढ़ गया है। मार्च 2015 में इनके पास 500 मिलियन उपभोगता थे।

इस बढ़ंत का कारण यह भी हो सकता है, कि Messenger फ़ोन व विडिया कॉलिंग दोनो सपोर्ट करता है, जिनमें दूसरा WhatsApp पर उपलब्ध नहीं है, पर जल्द आने के कयास लगया जा रहे हैं। Facebook ‘Messenger मंच की तरह अप्रोच’ को बढ़ावा देकर Messenger को सिर्फ़ दोस्तों से चैटिंग करने तक सीमित नहीं रहने देना चाहता है। इसी के तहत इन्होंने हाल ही में बिना Facebook अकाउंट के साइन-अप का भी विकल्प उपभोगताओं को दिया। हाल ही में इन्होंने उपभोगताओं को अपने मंच पर भुगतान करने का विकल्प भी दिया।

सोशल मीडिया दानव ने ऐप पर ऐड बेच कर Messenger के लिये रेवेन्यू मॉडल बनाने की बात भी हिंट करी। यह कदम अभी सार्वजनिक नहीं है, पर जल्द ही इसपर लाया जा सकता है। Messenger दूसरी ऐपों पर भी फ़ीचर कर रही है, जिनमें नवीनतम Uber थी। दोनों कंपनियों के बीच साझा हुआ है, जिसके तहत उपभोगता ऐप से ही कैब भी बुक कर सकते हैं।

यह चैट-बॉट नाम की तकनीक की वजह से संभव हुआ है-कुछ ऐसा, जो कि Messenger दूसरी ऐप्लिकेशनों तक भी ले जा सकता है। इसके लिये कंपनी द्वारा दी गयी डेवलपमेंट किट के ज़रिये चैट बॉट बनाने के लिये डेवलपरों पर निर्भर था।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन