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भारत में अब हैं 1 बिलियन से ज़्यादा मोबाइल उपभोगता, सिर्फ चीन से पीछे

ट्राई (TRAI) की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार सस्ते मोबाइल फ़ोन्स व अधिक नेट्वर्क विश्वसनीयता के कारण अब भारतीय मोबाइल फ़ोन्स का उपभोक्ता आधार एक अरब के पर पहुँच चुका है।

कुल मोबाइल सदस्यता जो की सितम्बर में 996 मिल्यन था से बढ़कर अक्टूबर में 1.04 मिल्यन पहुँच चुका है। इन आँकड़ो के साथ ही ये चीन के बाद दूसरे नम्बर पर पहुँच चुका है। आपको एक स्पष्ट दृष्टिकोण देने के लिए भारत का एक मिल्यन का दूरसंचार आधार अमेरिका की कुल आबादी का तीन गुना हो चुका है।

चीन अक्टूबर 2014 में 1.2 बिल्यन सेल फ़ोन उपभोक्ताओं के आँकड़े को छू चुका है। हालाँकि भारत ने चीन को कम दरों व ओपरेटरों के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। भारत के पास कम से कम 12 ऑपरेटर्स हैं जो मोबाइल दूरसंचार बाज़ार से ज़्यादा से ज़्यादा लाभ उठाने की होड़ में हैं।

हालाँकि ये भी कोई राज नहीं है की जल्द ही इनमें से सिर्फ़ 4 या 5 खिलाड़ी ही बचेंगे और बाक़ी छोटे खिलाड़ी या तो बंद हो जाएँगे और या अधिग्रहीत।

भारत में दूरसंचार के प्रवेश के आँकड़े बिलकुल भी निराशाजनक नहीं हैं। पर ये फिर भी चीन और अमेरिका जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के क़रीब नहीं है। IAMA व KPMG द्वारा दी गयी रिपोर्ट्स के अनुसार भारत 2016 तक 236 मिल्यन मोबाइल फ़ोन् इंटर्नेट उपभोक्ताओं तक व 2017 में 314 मिल्यन तक पहुँच जाएगा। चीन में कम विकास दर के साथ भी 4G मोबाइल फ़ोन उपभोक्ताओं की संख्या 250 मिल्यन पहुँच चुकी है।

भारत में मोबाइल फ़ोन्स की विकास दर में अकस्मात् उछाल सरकार के डिजिटल बुनियादी सुविधाओं के प्रति समर्पण का भी काफ़ी योगदान है। २०१४-२०१५ में सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण इंटर्नेट एवं तकनीक योजना के अंतर्गत ५०० क्रोर रुपए बुनियादी ढाँचों के निर्माण के लिए एवं अतिरिक्त १०० करोड़ रुपए ई-गवर्नन्स के लिए निश्चित किए।

कम लागत वाले स्मार्टफ़ोंस एवं डेटा योजनाएँ भी इस बढ़ोत्तरी का कारण है। और अब आने वाले ४G उपकरणों के कारण भी, ये संख्या बस बढ़ने का ही इशारा करती है। फ्लिपकार्ट ने भी बिग बिल्यन डे के दिन ४G उपकरणों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की एवं रिलायंस जीयो भी ४G सेवाओ की बढ़ती माँग को पूरी करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयासरत है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन