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Amazon वेब सेवाओं ने अपनी EC2 कंटेनर रजिस्ट्री (ECR) को किया सार्वजनिक

Amazon के क्लाउड इन्फ़्रास्ट्रक्चर विभाग Amazon Web Services ने अपना EC2 कंटोनर रजिस्ट्री (ECR) सार्वजनिक कर दिया है। ECR एक पूरी तरह से प्रबंधित किया जाने वाला Docker कंटेनर रजिस्ट्री है, जो कि डेवलपरों के लिये Docker कंटेनर इमेज स्टोर कर के उन्हें मैनेज करना आसान बना देता है।

सेवा की घोषणा इनकी लास वेगस में अक्टूबर की re:Invent कॉन्फ़्रेंस में हुई थी। पर उस समय, बहुत कम ही ऐसे डेवलपर थे जिन्हें इस सेवा का शुरवाती ऐक्सेस मिला। आज AWS के मुख्य जेफ़ बार ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि यह सेवा सभी के लिये खोल दी गयी है।

Amazon ECR कंटेनर इमेजों को बहुत ही उपलब्ध व मापनीय संरचना में स्टोर करता है, जिससे डेवलपर अपने ऐप्लिकेशनों के लिये भरोसे के साथ कंटेनर खोल सकें। यह कार्य प्रणाली आसान करने के लिये Amazon ECR व Docker CLI को जोड़ते हैं।

यह Docker CLI का प्रयोग कर के इमेजों का डेवलपमेंट मशीन से Amazon ECR में परिवर्तन करना आसान बना देती है, जिससे Amazon ECR प्रोडक्ट डिप्लॉयमेंट के लिये उन्हें आसानी से खींच ले।

जबसे Docker ने खुले स्त्रोत के Linux कंटेनरों में बदलाव लाये हैं, तब से कंटेनर बहुत प्रचलित हो गये हैं। Linux कंटेनर एकाकी ऐपों को एक ही मंच पर चलाने में सहायक होता है।

Docker ने उनसे एक ऐसा टूल बनाया जो कि डेवलपरों को ऐप्लिकेशन बनाने और उसे टेस्ट वातावरण और फिर प्रोडक्शन वातावरण में लाने में सहायता करता है। इन्हें एक से दूसरे क्लाउड में भी भेजा जा सकता है। और सबसे महत्वपूर्ण बात- यह सब कुछ बिना कोड में बदलाव लाये किया जा सकता है।

यह कंटेनर वर्चुअल मशीन की तरह हैं, पर चिप पर व मेमोरी में कम जगह घेरते हैं। साथ ही, इन कंटेनरों को बनाने का कोड भी डेवलपरों के लिये उपलब्ध है, जिसे वह परख व Apache- ओपन सोर्स लाइसेंस के अंतर्गत उसको बढ़ा सकते हैं।

अभी कई बड़ी कंपनिया अपनी कंटेनर रिपंज़िटरियों को डेवलपरों के लिये सेवा के रूप में सार्वजनिक कर रही हैं। Google ने साल की शुरवात में अपना कंटेनर इंजन लांच किया। Microsoft ने भी अपने Microsoft Server 2016 का चौथा तकनीकी प्रिव्यू दिया, जो कि आपको Hyper-V व Nano Server जैसी सोवाएं उपलब्ध कराता है।

यह रिपॉज़िटरियां निजी कंटेनर रिपॉज़िटरियों की आवश्यक्ता को खतम कर देती हैं और कंपनी की अंदरूनी इन्फ़्रास्ट्रक्चर स्केल करने की आवश्यक्ता भी खतम हो जाती है।

सुनने में आया है कि Docker, Google, Microsoft व Amazon व दूसरे कुछ खिलाड़ी Linux Foundation के साथ कंटेनर सॉफ़्टवेयर के कुछ स्तर निर्धारित करने की बात कर रहे हैं। यर डेवलपरों के लिये आसान हो जायेगा, जिन्हें अपनी ऐप्लिकेशनों की कंपैटेबिल्टी के बारे में अधिक चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन