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जैव प्रौद्योगिकी स्टॉर्टप Pandorum Technologies ने मनुष्य के कृत्रिम लिवर का 3D प्रिंटिंग के ज़रिये किया विकास

ये मानी हुई बात है की जब चिकित्सा विज्ञान को प्रोद्योगिकी के साथ जोड़ा जाता है तो कुछ आश्चर्यजनक परिणाम सामने आते हैं। और यही बैंगलोर स्थित biotech स्टॉर्टप Pandorum Technologies ने ऊतक़ इंजीनीरिंग पर कार्य करते हुए हासिल किया।

Pandorum ने 3 d तकनीक का प्रयोग कर के कृत्रिम ऊतक़ का विकास किया है जो मानव लीवर जैसा कार्य करता है। इससे हमें जटिल लिवर प्रत्यारोपन में दाता की कमी के कारण आने वाली मुश्किल का समाधान मिल सकता है।

ये 3 d प्रिंटेड जीवित ऊतक़ सस्ती और बिना जानवरों और मनुष्यों पर परीक्षण करने वाले चिकित्सा अनुसंधान उपलब्ध कराएँगे और इस प्रकार जल्दी ही पूरी तरह से अँगो के प्रत्यारोपन को बढ़ावा मिल पाएगा।

भारतीय विज्ञान संस्थान (iisc) के शैक्षिक उद्यमियों द्वारा 2011 में स्थापित Pandorium Technologies pvt ltd कार्य करने योग्य मानव ऊतकों की डिज़ाइन व निर्माण पर कार्य करने वाला बायओटेक्नॉलॉजी स्टॉर्टप है। ये ऊतक़ चिकित्सकीय अनुसंधान , चिकित्सकीय व अन्य अनुप्रयोगों में काम आते हैं। Pandorum BIRAC व GOL द्वारा अनुदान प्राप्त है व C-CAMP बैंगलोर bio cluster में स्थित है।

हममें से बहुत लोगों को ये नहीं पता होगा की हर साल मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए हज़ारों की तादाद में पशुओं को चिकित्सा शोधों व परीक्षणो की एवं में अपना जीवन गँवाना पड़ता है। यह बड़ी सफलता बिना चिकित्सकीय परीक्षणो में बाधा उत्पन्न किए हज़ारों उन ज़िंदगीयों को बचा सकती है और सबसे बड़ी बात ये ये माँग पर प्रत्यारोपन के लिए मानव अँगो का निर्माण भी कर सकती है।

कम्पनी के संस्थापक और भारतीय विज्ञान संस्थान से PHD प्राप्त डॉक्टर तुहिन भौमिक के अनुसार :

ये जटिल ऊतक़ जैसे की मानव लिवर बनाने जो की एक बहुत ही कठिन कार्य है कि दिशा में बहुत बड़ा क़दम है। कृत्रिम अँगो के विकास का बहुत क्लिनिकल उपयोग होता है। cell आधारित orgonoid के द्वारा कृत्रिम लिवर सपोर्ट सिस्टम बनाया जा सकता है जिससे की उन रोगियों का जीवन बचाया जा सकता है जिनका लिवर फ़ेल हो चुका हो। निकट भविष्य में इस तरह के कृत्रिम अँगो के द्वारा प्रत्यारोपन के लिए आवश्यक मानव अँगो की कमी को दूर किया जा सकेगा

ये उपलब्धि दवाओं और टीकों के विकास पर भी गहरा परिवर्तन करेगी। और जबकि कृत्रिम लिवर पहले ही बनाए जा चुके हैं ये भारत जैसी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक वरदान जैसा होगा जहाँ सिर्फ़ बाहर से आने वालों के लिए ही चिकित्सा सुविधाएँ सस्ती हैं।

Pandorum technology के सह संस्थापक और प्रबंध निदेशक अरुण चंद्रु के अनुसार

मानव परीक्षण में लिवर विशाक्तता और दवाओं के उलटे असर विफलता के लिये जिम्मेदार हैं। हमारे 3d printed mini-livers जो की मानव लिवर की तरह कार्य करते हैं सस्ती, कम साइड इफ़ेक्ट वाली , व बेहतर प्रभावकारिता वाली दवाओं की खोज व व विकास में मदद करेंगे।


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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन