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Alphabet India के वार्षिक राजस्व में 35% की वृद्धि

Alphabet जिसे पहले google के नाम से जाना जाता था ने हाल में ही अपने भारतीय समकक्ष की साल 2014 के वार्षिक राजस्व की घोषणा की है। शनिवार को दाख़िल इसके वार्षिक रिटर्न में कम्पनी ने पिछले साल की तुलना में साल 2014-15 के राजस्व में 35% बढ़ोत्तरी की घोषणा की जो की 4,108 करोड़ के बराबर है।

हालाँकि कम्पनी ने लाभ को अंकों में उजागर नहीं किया है। दक्षिण पूर्व एशिया और भारत के लिए Google इंडिया के प्रबंध निदेशक राजन आनंदन ने राजस्व पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार किया है।

हालाँकि देखा जाए तो वृद्धि की दर कम हुई लगती है क्यूँकि पिछली बार 2013-14 में 3,050 करोड़ के लाभ के साथ ये 47% थी। ये मंदी विज्ञापन के सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्लिकेशन पर विवधीकरणकी वजह से है , जिसपर पहले Google का एकाधिकार था।

बहुत सारे सोशल मीडिया ऐप अब प्लेन इंटर्नेट विज्ञापनों से दूर होते जा रहे हैं जो की काफ़ी हद तक Google द्वारा संचालित होता है।

Societe generale के एक विश्लेषक नितिन माथुर के अनुसार ये सर्वविदित है कि Google का ज़्यादातर राजस्व लगभग 89% विज्ञापनों से ही आता है।

पिछले तीन सालों में Facebook ने अपने विज्ञापन कारोबार का तेज़ी से विस्तार किया है। और सामाजिक नेट्वर्क पर लोगों की बड़ी संख्या के कारण ये बाज़ार और विज्ञापनदाताओं की शीर्ष पसंद बन गया है। और भारत में लोगों की भारी संख्या होने के कारण ये इन दोनो की ही शीर्ष पसंद बन चुका है। पिछले महीने इंटर्नेट और मोबाइल असोसीएशन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में इंटर्नेट उपयोगकर्ताओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 49% की वृद्धि के साथ अमेरिका में उपस्थित उपयोगकर्ताओं की संख्या को पार करने वाली है और दिसम्बर में इसके 402 मिल्यन के क़रीब पहुँचने की सम्भावना है।

ये भारत को चाइना के बाद एसा दूसरा देश बनाता है जहाँ इंटर्नेट के क़रीब 600 मिलियन  उपयोगकर्ता हैं इसके अलावा चाइना की तुलना में जिसका बाज़ार पूरी तरह से संतृप्त हो गया है भारत में उपयोगकर्ताओं की संख्या अगले साल 4G लॉंच होने से और बढ़ जाएगी और इंटर्नेट और लोगों तक पहुँच जाएगा।

इन कारणों की वजह और भारत के बाज़ार के अधिकांश हिस्से पर क़ब्ज़ा करने के उद्देश्य से Google सरकार के digital India पहल के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक बन गया है। इसने सरकार के साथ कई पहलों जैसे ग़ुब्बारों द्वारा इंटर्नेट रेल्वे स्टेशन पर वाइफ़ाई के लाइट साझेदारी की है।
अंतर्राष्ट्रिय स्तर पर भी दो महीने पहले अपनी तिमाही की पहली लाभ रिपोर्ट देते समय Alphabet ने उल्लेखनीय राजस्व दर्शाया था। रिपोर्ट ने दूसरी तिमाही में 18.7 बिल्यन डॉलर का कुल राजस्व दिखाया था जो कि पिछले साल के 16.52 बिलियन से 13% ज़्यादा था।

इसने विश्लेशकों की आशा को भी पार करते हुए तीसरी तिमाही में एक शेयर की क़ीमत 7.21 डॉलर की जगह 7.35 डॉलर रिपोर्ट की थी। इस तरह गूगल के शेयरों की क़ीमत बढ़ने से कम्पनी की कुल बाज़ार क़ीमत 500 बिलियन डॉलर के क़रीब बढ़ गई जो सिर्फ़ Cupertino कम्पनियों Apple से ही कम है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन