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दिल्ली सरकार जल एवं वायु प्रदुषण की समस्या का हल निकलने वाले स्टार्टअप्स में करेगी निवेश

दिल्ली सरकार ने दिल्ली के वायु व जल प्रदूषण से लड़ने के लिये एक बिलकुल नयी रणनीति तैयार करी है। शिकागो लैब स्कूल्स विश्वविद्यालय के साथ साझे में दिल्ली सरकार ऐसे स्टार्टपों में दो करोड़ का निवेश करेगी जो शहर के बढ़ते प्रदूषण को घटाने के लिये कोई अलग विकल्प तैयार कर सकें।

सरकार ने इसी के चलते कल “अर्बन लैब्स इनोवेशन चैलेंज-दिल्ली” स्टार्टपों के लिये खोल दिया था। इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिये आप द्वारा स्थापित दिल्ली डायलॉग कमिशन, शिकागो विश्वविद्यालय की ऊर्जा व पर्यावरण लैब, अर्बन लैब्स व शिकागो विश्वविद्यालय के दिल्ली में स्थित एनर्जी पॉलिसी इंस्टिट्यूट के सेंटर के साख कार्य करेगी।

आप ने दिल्ली डायलॉग कमिशन इनोवेटिव अइडाओं को बढ़ावा देने के लिये स्थापित किया था। सभी प्रतिभागी अपने पूरे ग्राउंड प्लान को मार्च 2016 तक जमा कर सकते हैं।

दिल्ली में ऊर्जा व पर्यावरण समस्याओं से निपटने के लिये अच्छे विकल्पों व सुझावों युक्त संस्थाएं, एजेंसियां, छात्र व रीसर्चर

दिल्ली सरकार ने पर्यावरण सुरक्षा व वैकल्पिक ऊर्जा से संबंधित बड़े लीडरों, पॉलिसी बनाने वालों और एक्स्पर्टों का एक पैनल भी बनाया है। यह जूरी इन सभी के मध्य सबसे बहतरीन सुझावों को चुनेगी, जिनमें से शिकागो विश्वविद्यालय और दिल्ली डायलॉग कमिशन से सबसे बहतरीन विकल्प को दो करोड़ का निवेश प्राप्त होगा।

“शिकागो विश्वविद्यालय से तकनीकी व वित्तीय सहायता के साथ दिल्ली सरकार देश भर के सभी नागरिकों के लिये प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या का बड़े पैमाने पर सामाधान निकालने का चैलेंज ला रही है।”

आप सरकार ने इस चैलेंज का ट्विटर पर भी प्रचार किया:

दिल्ली सरकार सबसे बहतरीन आइडिया को दो करोड़ का सीड निवेश देगी, उसका परीक्षण करेगी और उसे पूरी दिल्ली में प्रदुषण से लड़ने के लिये लागू करेगी।

कमेटी द्वारा विजेता की घोषणा के बाद स्टार्टप ऊर्जा व पर्यावरण लैब के साथ इस आइडिया को साकार करने के लिये काम करेगा। स्टार्टप व रीसर्च टीमें आइडिया को साकार कर इसे ट्रायल बेसिस पर परीक्षित करने के तरीके ढूढ़ेंगी।

शिकागो विश्वविद्यालय ने इससे पहले गुजरात सरकार की प्रदूषण 28% तक कम कर पाने में सहायता करी थी।

दिल्ली सरकार की यह घोषणा ऐसे समय पर आयी है जब प्रदूषण के कारण होने वाली स्वास्थ संबंधित समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में, नवंबर 27 को US एम्बसी द्वारा लिये गये टेस्ट में प्रदूषण ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये।

रिपोर्ट के मुताबिक मॉनिटर करने वाली टीम द्वारा बनाये गये हवा गुणवत्ता इंडेक्स में प्रदूषण स्तर 999 था। यह दिल्ली निवासियों के लिये चेतावनी के रूप में आया और इसे लेकर मीडिया में बहुत शोर मचा, जिसने दिल्ली सरकार को कड़े कदम उठाने के लिये मजबूर कर दिया।

विश्व स्वास्थ्य संस्था (WHO) द्वारा 2014 में जारी की गयी एक अलग सूचि के मुताबिक भारत सबसे अधिक प्रदूषण वाले देशों में एक है और यहां के 13 शहर इनकी 20 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूचि में शामिल हैं।

छवि क्रेडिट : FLICKR // CC 2.0 // Jean-Etienne Minh-Duy Poirrier

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन