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फेसबुक का देश भर में अपनी विवादित सेवा FreeBasics का विस्तार जारी

Free Basics (पहले Internet.Org) की आलोचनात्मक स्वागत व बहुत अच्छी समीक्षा ना मिलने के बाद भी फेसबुक का भारत में internet.org के माध्यम से Free Basics सेवा को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है।

मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही में एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से घोषणा की थी की उन्होने देश में रिलायंस के सभी ग्राहकों के लिए नि: शुल्क Free Basics सेवाएँ उपलब्ध कराई है। अभी तक Free Basics सेवाएँ छह राज्यों तमिलनाडु, महरराष्ट्रा, आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, और तेलंगाना में ही उपलब्ध थी।

अपनी इस पोस्ट में जुकरबर्ग ने महाराष्ट्र के एक किसान की कहानी को चित्रित किया है जिसने की निशुल्क सेवाओं जैसे की AccuWeather का प्रयोग परंपरागत खेती के तरीकों की जगह अपनी फसलों की बेहतर पैदावार और बेहतर कीमत पाने के लिए किया।

जुकरबर्ग ने पोस्ट में लिखा था :

Free Basics का उपयोग कर के, गणेश की फसल की उपज, कीट संक्रमण से बचकर दोगुनी हो गई और उसने इस आय का प्रयोग नई फसलों और पशुओं में निवेश करके किया।

यह पोस्ट कुछ घंटों में ही लोगों में फैल गयी और पोस्ट होने के 14 घंटों बाद ही इस पर 80 हज़ार लाइक्स, 3.5 हज़ार कमेंट्स आये और 4.5 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने इसे शेयर किया पोस्ट किए हुए कमेंट्स में हालाँकि ज़्यादातर इसके पक्ष में थे पर कुछ ऐसे कमेंट्स भी थे जिन्होने नेट न्यूट्रेल्टी के विरोध में आवाज़ उठाई

आपको याद दिलाने के लिए Free Basics इस साल सितंबर में फेसबुक द्वारा शुरू की गयी Internet.Org की पहल का एक हिस्सा है। Free Basics व Internet.Org का मूल आधार एक ही है जैसे: ऐसे लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और संचार जैसी सेवाओं के लिए स्वतंत्र पहुँच प्रदान करना जो इंटरनेट का शुल्क देने में सक्षम नही हैं

Free Basics उन डेवेलपर्स के लिए एक मंच है जो सभी को बराबर के अवसर प्रदान करने वाली एप्लिकेशन बनाना चाहते हैं व Free Basics के द्वारा अपनी सेवाएँ देना चाहते हैं अतः अब फ़ेसबुक इस बारे में कोई भी निर्णय नही दे सकता की कौन सी सेवा या एप्प फ्री बेसिक्स का उपयोग कर सकती है जो नेट न्यूट्रॅलिटी का प्रचार करने वालों की चिंता का प्रमुख कारण था और जो Internet.Org और Free Basics का इस वजह से विरोध कर रहे थे

हालाँकि अभी भी दूरसंचार कंपनियाँ का यह कहना की वो ऐसी सेवाएँ देने से मना कर सकती हैं जो नेटवर्क पर अनावश्यक बोझ डालेंगी या क़ानूनी और नियामक आवश्यकताओं का उल्लंघन करेगी, ये दिखाता है की Free Basics के दूरसंचार साझीदार सेवाओं के बारे में अपनी राय रख सकेंगे. पिछले महीने हुई मार्क ज़ुकेरबेर्ग की भारत की यात्रा के दौरान ज़ुकेरबेर्ग ने काफ़ी मजबूती के साथ Internet.org व Free Basics के पक्ष में अपने विचार रखे थे.

जुकरबर्ग ने कहा था:

Free Basics ना तो उपभोक्ताओं और ना ही दूरसंचार कंपनियों को नुकसान पहुँचाने के लिए है. कोई भी डेवेलपर इस मंच का हिस्सा बन सकता है जो कम डेटा खपत करने वाली सामग्री उपलब्ध कराये.

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  • मै श्री मार्क जुकरबर्ग को धन्यवाद कहता हूँ जो इस तरह की योजना लेकर आये हम नेट से जुड़ना चाहते है लेकिन डाटा इतना महगा होता है की हम नेट नही चला पाते है आज भारत में सभी सूचनाऍ नेट में उपलब्ध होती है लेकिन नेट महगा पड़ता है स्वस्थ तथा शिक्षा फ्री होना चाहिए ।

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन