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RentoMojo को IDG Ventures व Accel Partners से ए सत्र में ₹13 करोड़ का मिला निवेश

घर के सामान को किराये पर उपलब्ध कराने वाले स्टार्टप RentoMojo को IDG Ventures व Accel Partners से ए सत्र में ₹13 करोड़ का निवेश मिला है।

गीतांश बमनिया, अजय नयन, प्रशांत चंचल व के जे वेंकी द्वारा नवंबर 2014 में स्थापित यह कंपनी अपने उपभोगताओं को कम से कम तीन महीनों के लिये फ़र्निचर समेत घर का अन्य सामान किराये पर उपलब्ध कराती है।

फ़र्निचर के साथ अब वह मोटरसाइकिल किराये पर देकर परिवहन सेटमेंट में भी प्रवेश कर रहे हैं। इन्हें लंदन स्थित एंजल निवेशक से भी सीड निवेश प्राप्त हुआ है।

इनकी 50 लोगों की टीम अभी मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली व पुणें में सक्रीय है। इनके पास अभी 2000 उपभोगता हैं, जिन्हें यह अगले साल मार्च तक 6000 कर लेना चाहते हैं।

कंपनी का व्यापार मॉडल रोचक है। इनके द्वारा किराये पर दिया गया सामान कंपनी का खुद का नहीं है, बल्की कंपनी ने कुछ ऐसे विक्रेताओं के साथ साझा कर रखा है, जो किराये से कुछ पैसे कमाना चाहते हों।

बेड, माइक्रोवेव, वॉटर प्युरिफ़ायर आदि जैसी चीज़ों को अलग-अलग किराये पर देने के साथ यह पैकेज डीलें भी उपलब्ध कराते हैं।

कंपनी मुख्यतः बैचलरों, कार्य कर रहे प्रोफ़ेशनलों व लंबे प्रोजेक्ट करने वाले फ़्रीलैंसरों को टार्गेट कर रही है। पूरी तरह फ़र्निश किया अपार्टमेंट महंगा पड़ता है, वहीं, केवल अपार्टमेंट लेने पर आप ₹1,500 तक में RentoMojo से घर का सामान किराये पर ले सकते हैं।

किसी इंडस्ट्री रिपोर्ट के अनुसार भारत में सिर्फ़ बिना फ़र्निश किये अपार्टमेंटों की बात करें तो घर के सामान किराये पर देने का बाज़ार कुल $500 मिलियन का है।

सामान किराये पर देने के स्पेस मे कंपनी को Furlenco से प्रतिद्वंद करना है। हालाकि कंपनी।B2B मॉडल पर कार्य करती है और RentoMojo से उलट किराये पर दिया जाने वाला सामान उनका खुद का है।

IDG Ventures के वेंकटेश पेद्दी ने कहा:

हम देखते हैं कि जैसे-जैसे भारत का वित्त बढ़ता है, वैसे-वैसे ही जिनके हाथ में यह वित्त है, वह भी बढ़ेंगे। अगर हम इसी वित्त का समकक्षी निकालें, तो फ़र्निचर किराये पर देने वाला बाज़ार ऑफ़लाइन बाज़ार का 10% हो जायेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन