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फ़्लिपकार्ट ने ESOP के अत्यल्प स्टेक ₹180-240 करोड़ के करीब में बेचे

नये दौर की भारतीय कंपनियों में पहली बार ऐसे कदम बढ़ाते हुए, Flipkart ने अपने एम्प्लॉयी ट्रस्ट फ़ंड के अत्यल्प स्टेक बड़ी संपत्ति वाले कुछ व्यक्तियों को ₹180 से ₹240 करोड़ के करीब में बेच दिये हैं। ET की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने यह कदम कौशल बचाये रखने के लिये लिया है।

इस कदम से कंपनी ऐसे कर्मचारियों को मुद्रिकरण का एक विकल्प प्रदान कर रही है जिनके पास कंपनी के स्टॉक हैं। आम तौर पर अगर कंपनी लिस्ट नहीं की गयी है तो वह ये नहीं कर सकते।

Flipkart की तरफ़ से ET को भेजे गये ई-मेल में उन्होंने कहा:

यहां Flipkart में, हमारा मानना है कि हमारी बढ़ंत का कारण हमारे लोग रहे हैं, जिन्होंने निरंतर कंपनी के लिये समर्पित होकर कार्य किया है।

कर्मचारी ट्रस्ट एक ऐसी संरचना है जो हर चरण पर दिये गये विकल्पों से कर्मचारी लिक्व्डिटी उपलब्ध कराती है। यह पुनः प्रयोग किये जा सकने वाली संरचना है, और हम इसे सालाना तौर पर आगे भी प्रयोग करेंगे।”

कर्मचारी स्टॉक विकल्प या ESOP प्रतिकार के 30 से 70 प्रतिशत हिस्से में आते हैं। कंपनी इसे कर्मचारियों को पुरस्कृत करने में प्रयोग करती हैं, और इससे यह सुनिश्चित करती हैं कि महत्वपूर्ण कर्मचारी कंपनी के साथ बने रहें।

ESOP एक कर्मचारी-ओनरशिप कार्यक्रम है, जिसके तहत कंपनी में कर्मचारियों को ओनरशिप ब्याज मिलेगा। यह किये गये कार्य के लिये कर्मचारी की क्षतिपूर्ति हैं। करिमचारी के नाम शेयर कर दिये जाते हैं और तब तक ESOP में रखे जाते हैं जब तक कर्मचारी या तो रिटायर न हो जाये या कंपनी न छोड़ दे।

जो अंश बढ़ता है, उसे कर्मचारियों के भले के लिये प्रयोग किया जाता है। यह टेकओवर प्रयासों से बचाव के लिये भी प्रयोग किया जा सकता है। ILFS Group के पास ILFS कर्मचारी ट्रस्ट है, जिसमें कंपनी के 13 प्रतिशत स्टेक हैं। Larsen & Toubro Ltd. के कर्मचारी ट्रस्ट फ़ंड में कंपनी के 17 प्रतिशत स्टेक हैं।

भारत की ई-कॉमर्स कंपनियां अभी $17 बिलियन डॉलर की हैं, और 2020 तक इनका मूल्य $50 बिलियन हो जाने की संभावना है। माना यह जा कहा हा कि यह आने वाले कुछ वर्षों में 50,000 से अधिक नौकरियां देंगे।

मार्च में खतम हुए वित्तीय वर्ष में Flipkart ने ₹659 करोड़ का रेवेन्यू फ़ाइल किया था, जो कि इसके पिछले वर्ष के ₹179 करोड़ से चार गुना अधिक है। कंपनी का कुल मूल्य भी पिछले वर्ष के ₹415 करोड़ से 12 गुना बढ़ कर ₹4819 करोड़ हो गया है।

Flipkart अभी भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है। इसे Tiger Global व Steadview Capital समेत 17 निवेशकों से $3.15 बिलियन प्राप्त हुए हैं। कंपनी की वैल्यू आखरी निवेश चरण में$15 बिलियन बतायी गयी है।


 

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन