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अपनी बस शटल सेवा को बहतर बनाने के लिये ओला ने ट्रैफ़िक मॉनिटरिंग ऐप जियो टैग का किया अधिग्रहण

अपनी शुरू होने वाली बस शटल सेवा को बहतर करने के लिये Ola Cabs ने GeoTagg नाम के यात्रा प्लैनिंग स्टार्टप, जो कि आपको रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराता है, का अधिग्रहण कर लिया है।

जहां डील के वित्त के बारे में जानकारी नहीं दी गयी है, और ना ही डील के होने की अधिकारिक घोषणा करी गयी है, वहीं Ola अपनी बस शटल सेवा के लिये ₹120 करोड़ से ₹150 करोड़ के बीच खर्च करने वाली है, जिसका पायलट दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुरू भी कर दिया गया है।

GeoTagg एक ऐसी मोबाइल ऐप्लिकेशन है, जो कि आने वाले समय में पीक घंटे के ट्रैफ़िक और सामान्य ट्रैफ़िक की जानकारी उपभोगताओं को उपलब्ध कराती है। इस स्टार्टप की तकनीक को Ola की शटल ऐप में हमेशा के लिये डाला जा सकता है।

Ola ने इस शटल सेवा की घोषणा कुछ महीने पहले करी थी। यह सेवा और इनके द्वारा आ रहीं अभी की सारी नयी सेवाएं इनके चीनी समकक्षी और रणनैतिक निवेशक Didi Chuxing के जैसी ही हैं। दोनो ही कंपनियां Uber को अपने देश से उखाड़ फ़ेंकना चाहती हैं।

Ola के नये इनोवेशन के वाइस प्रेज़िडेंट संदीप साहनी की अगुवाई में यह नयी शटल सेवा Ola के द्वारा ई सत्र में $400 मिलियन के निवेश के साथ तालमेल मे आ रही है। इस सत्र के बाद Ola के पास कुल $680 मिलियन के निवेश आ चुके हैं। साहनी के मुताबिक, नयी शटल सेवा में Ola $50 मिलियन लगायेगा।

यह सेवा शुरवाती दौर में बैंगलोर और गुड़गांव में 100 रूटों पर 500 शटलों के साथ शुरू होगी। साल के अंत में और भी क्षेत्र इसमें डाल दिये जाएंगे।

जहां शटल सेवा में कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं हैं, Ola को फिर भी गुड़गांव के Shuttl जैसों से बड़ा प्रतिद्वंद झेलना पड़ेगा, जो कि पॉइंट-टू-पॉइंट बस यात्रा में रोज़ 15,000 हज़ार यात्राएं करा रहा है, और Cityflo से, जिसने मुंबई के बड़े बस ऑपरेटरों से साझा कर लिया है और रोज़ 2,200 यात्राएं कराता है।

साहनी ने कहा कि यह सेवा उन लोगों के लिये बनायी गयी है जो आम तौर पर अपनी बाइक या कार ले जाना पसंद करते हैं, या फिर ऑटे रिक्शा से जाना। जहां आम तौर पर Ola की निजी कैब बुलाना आपको ₹300 के आस-पास का पड़ेगा, वहीं, यह सेवा आपको ₹66 से कम की पड़ेगी।

Ola की ऐप से उपभोगता शटल को ट्रैक कर सकेंगे, सीट बुक कर सकेंगे और अपनी यात्रा के लिये भुगतान भी कर सकेंगे।

Ola, जो कि अभी इस क्षेत्र मे सबसे बड़ा खिलाड़ी है, के पास ऐप के ज़रिये अभी 100 से अधिक शहरों में पारंपरिक टैक्सियां, ऑटोरिक्शा और दूसरे निजी वाहन हैं। कंपनी रोज़ाना 750,000 से अधिक यात्राएं कराती है, इनके पास 250,000+ वाहन हैं और रोज़ करीब 1,500 और वाहन इनसे जुड़ते हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन