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प्रोडक्ट कस्टमाइज़ेशन पोर्टल जिंजरक्रश को टी. वी. मोहनदास पाई से मिला निवेश

Gingercrush नाम के लाइसेंसी प्रोडक्ट कस्टमाइज़ेशन पोर्टल को टी. वी. मोहनदास पाई के ऑफ़िस से एक गुप्त रक़म का निवेश मिला है। डील के मुताबिक टी. वी. मोहनदास पाई निवेशक होने के साथ स्टार्टप के मार्गदर्शक भी होंगे।

वह संस्थापक टीम और वरिष्ठ मैनेजमेंट टीम का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे कंपनी का प्रतिनिधित्व बहतर हो और भविष्य में उनकी बढ़ंत मज़बूत व ज़िम्मेदार हो।

Gingercrush एक वडोदरा स्थित स्टार्टप है, जिसे इसी साल राजवी मकोल और सौम्या निधी ने स्थापित किया था। यह एक ऑन-डिमांड B2C रीटेल मंच है, जहां उपभोगता अपनी तरह से प्रोडक्ट को अपने निजी स्टाइल से कस्टमाइज़ कर के खरीद सकते हैं।

हम श्री पाई के हमारे साथ मार्गदर्शक के रूप में जुड़ने से बहुत उत्साहित हैं। हमें उनके मार्गदर्शन व अनुभव से बहुत लाभ होगा।

Gingercrush के सह-संस्थापक राजवी मकोल ने कहा।

कंपनी उपभोगताओं को उपभोगता चलित कस्टमाइज़ेशन के साथ और बड़ी रेंज के प्रोडक्ट उपलब्ध कराना चाहती है। अभी उपलब्ध प्रोडक्टों में टी-शर्ट, मग, मोबाइल/टैबलेट कवर, माउज़ पैड आदि शामिल हैं।

साल की शुरवात में कंपनी को Gokul Jaykrishna व Brand Capital के अगुवाई किये सत्र में $1 मिलियन का निवेश मिला था।

निवेश के बारे में मोहनदास पाई ने कहा:

ब्रांड वैल्यू बढ़ंत के भविष्य का बड़ा प्रश्न यह है कि आने वाली नयी पीढ़ी को कैसे आकर्षित किया जाये। आज के उपभोगता उन ब्रांडों के और करीब होना चाहते हैं, जिनका कार्य वो पसंद कर रहे हैं। इसी संबंध को अनोखे तरीकों से ब्रांड लॉयलटी बढ़ाकर और उपभोगताओं को बहतर अनुभव देकर और अच्छा बनाया जा सकता है।

मुझे लगता है कि Gingercrush उपभोगताओं के साथ अपने संबंध को बहुत निजी बना लेता है, और इसे से ब्रांडों को बढ़ने मे और अपना अलग स्थान बनाने में सहायता मिलती है।

लोकप्रीय टेलीवीज़न शो, फ़िल्मों व चरित्रों पर आधारित सामानों का बाज़ार बहुत बड़ा है। LIMA के मुताबिक, ट्रेडमार्क वाले प्रोडक्टों की सेल 2014 की रॉयलटी रेवेन्यू $13.4 बिलियन मानी जा रही है और रीटेल सेल का रेवेन्यू $241.5 बिलियन मानी जा रही है। इस निवेश और मार्गदर्शन के साथ आदि द्वारा डॉमिनेट किये जा रहे बाज़ार में अच्छा बाज़ार शेयर हासिल कर सकता है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन