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स्नैपडील उठा सकता है फ्रीचार्ज के लिए $300 मिलियन का निवेश : रिपोर्ट

Snapdeal के पहले से ही उत्तम निर्णय अब और भी बहतर होने वाला है। Economic Times की रिपोर्ट की माने, तो भारत की दूसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा $450 मिलियन में खरीदे जाने के बाद, Snapdeal द्वारा FreeCharge के लिये अब विशेष तौर पर एक निवेश चरण चलाया जायेगा, जिसमें अनुमानित राशी $300 मिलियन बतायी जा रही है।

माना जा रहा है कि इस निवेश सत्र से जमा राशी का प्रयोग FreeCharge को बहतर बनाने और Snapdeal को पहले से उपस्थित पर कम प्रयोग में लाये जाने वाले डिजिटल पेमेंट पिलैटफ़ॉर्म के ज़रिये, उपभोगताओं को कई प्रकार के सामान व सेवायें उपलब्ध कराने में लाया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार इस निवेश सत्र के कोई दोहरे भाग नहीं हैं और Snapdeal के FreeCharge को खरीदने के बाद जिन निवेशको के पास शेयर थे, उन्हीं के पास रहेंगे।

यह रिपोर्ट Snapdeal के Alibaba द्वारा निवेश सत्र के तीन महीने बाद आ रही है। अगस्त में Snapdeal ने Alibaba Group, Foxconn व SoftBank से $500 मिलियन जुटाये थे। साल की शुरवात में Snapdeal ने FreeCharge को $450 मिलियन में खरीदा, जो कि भारतीय स्टार्टप स्पेस मे अभी तक की सबसे बड़ी खरीद है।

निवेश FreeCharge को PayTM से मुकाबला करने में सहायता करेगा, जिसने हाल ही में Alibaba से $680 मिलियन का निवेश प्राप्त किया है। कंपनी अभी भारत की सबसे बड़ी मोबाइल कॉमर्स मानी जा रही है। कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा को RBI से पेमेंट बैंक लाइसेंस मिलने के बाद वह नया पेमेंट व्यापार शुरू करेंगे।

पर क्योंकि PayTM ने ई-कॉमर्स में भी प्रवेश ले लिया है, FreeCharge का मुकाबला सिर्फ़ कंपनी के डिजिटल पेमेंट भाग से होगा।

हाल ही में Yes Bank के साथ साझे में FreeCharge ने अपनी वॉलेट सेवा FreeCharge Wallet की शुरवात करी थी। लांच के एक सप्ताह के अंदर कंपनी ने 1 मिलियन उपभोगताओं का आंकड़ा छूने की घोषणा करी। इन्होंने तब ही बताया था कि कंपनी ने वॉलेट के प्रचार के लिये $100 मिलियन का बजट तय किया था।

Snapdeal व FreeCharge के रोज़ाने के कुल अलग-अलग विज़िटर 8.2 मिलियन होते हैं और इनके पास इनके मंच पर कुल 20 मिलियन स्टोर किये गये कार्ड हैं। इन दोनों की कुल ग्रोस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) $4 बिलियन है।

Snapdeal सामान व सेवाओं का एक पूरा ईको सिस्टम बनाना चाहती है, जिससे यह Alibaba के जैसे व अपने प्रतिद्वंदियों Flipkart व Amazon से अलग दिखे। इससे पहले कंपनी के संस्थापक ने कहा था कि वह Flipkart को पीछे छोड़ के मार्च में वित्तीय वर्ष के अंत तक देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स उपलब्ध कराने वाली कंपनी बनना चाहते हैं। अभी तक कंपनी को कुल $1.9 बिलियन के निवेश मिले हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन