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अपने भारतीय-केंद्रित ऑनलाइन भुगतान माध्यम के लिए रेजरपे को मिला $11.5 मिलियन का निवेश

गुलाबी नगरी जयपुर से निकले चुनिंदा बड़े स्टार्टअप कंपनियों मैं से एक, रेजरपे को आज टाइगर ग्लोबल व मैट्रिक्स पार्टनर्स जैसे नामी निवेश कंपनियों से $11.5 मिलियन का निवेश मिला है। रेजरपे भारत की आम जनता के लिए आसान एवं बेहद सरल ऑनलाइन भुगतान सेवा प्रदान करता है।

इस नयी कैपिटल की मदद से, रेजरपे अपनी तकनीकी जड़ों को और मज़बूत करने के साथ-साथ नए मार्किट सेग्मेंट्स मैं भी प्रवेश करेगा। रेजरपे का यह फंडिंग राउंड, कंपनी को पहले मिले $ मिलियन के सीड निवेश एवं इस बार के $ मिलियन के सीरीज-ऐ निवेश का मिश्रण है।

2013 में स्थापित रेजरपे, अपनी तरह का एक लौता ऑनलाइन बुगतान माध्यम है। अपनी भुगतान माध्यमों के द्वारा, रेजरपे ऑनलाइन भुगतान की दुनिया में एक क्रन्तिकारी बदलाव की इक्छा रखता है. कंपनी के ऑनलाइन भुगतान माध्यम उपभोताओं के लिए बेहद सरल होने के साथ-साथ विक्रेताओं के लिए भी बाकी भुगतान मध्याओं की तुलना में सस्ते एवं कारगर है।

रेजरपे ग्राहकों से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट इत्यादि माध्यमों से रियल-टाइम में भुगतान लेता है और उससे एक सुरक्षित, संरक्षित माध्यम के द्वारा व्यापारियों तक पहुंचाता है। रेजरपे का कहना है, की उनकी सेवा मार्किट में एक लौती ऐसे सेवा है, जो ग्राहकों को किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट पेज पर न ले जाके, सीधा व्यापारी की वेबसाइट से ही भुगतान करा देती है।

कंपनी के से-संस्थापक शशांक कुमार ने कहा,

हमारी पेटेंट प्रौद्योगिकी के माध्यम से बहुत विशेष रूप से मोबाइल उपकरणों पर, उच्च लेनदेन सफलता दर और तेजी से चेकआउट समय को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

मैट्रिक्स पार्टनर्स भारत के प्रबंध निदेशक विक्रम वैद्यनाथं ने कहा,

हम संस्थापकों की प्रौद्योगिकी-पहला दृष्टिकोण में विश्वास करते हैं और उनसे इस नई साझेदारी के बारे में उत्साहित हैं। हम भारत में फिनटेक पर बेहद सकारात्मक बने हुए हैं और आगे भी निवेश कर सकते है।

मार्च में लांच हुए रेजरपे के पास से 1800 ज़्यादा व्यापारी ग्राहक है, जिनमे कुछ बड़े नाम जैसे ZoRooms, Lookup इत्यादि भी शामिल है

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन