खबर स्टार्टअप्स

सरकार ने स्टार्टप के पंजिकरण के लिये आधार कार्ड किया आवश्यक

उद्यमियों के अपने नये व्यापार का पंजिकरण करने के लिये सरकार ने आवेदन के साथ आधार संख्या लगाना अनिवार्य कर दिया है। ख़ास बात यह है, कि यह उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध है, जिसके अनुसार आधार संख्या का प्रयोग स्वेच्छा से व्यक्ति कुछ समाज कल्याण योजना के लिये कर सकते हैं।

स्टार्टप पिछले महीने आये नये उद्योगों के पंजिकरण के लिये आवेदन पत्र तब तक नहीं भर सकते जब तक उनके समर्थकों के आधार कार्ड ऑनलाइन वैलिड नहीं सिद्ध होते। इस नए नियम के साथ, मोदी सरकार ने अपने प्रो-स्टार्टअप नारे को एक बहुत बड़ा धक्का दिया है। वह इसलिए, क्यूंकि आधार अभी भी पूरे भारत मैं पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है, और इस नए नियम के कारन उन् उद्यमियों को खासी दिक्कत आएगी, जिन्हे अभी भी सरकार कि तरफ से आधार नंबर नहीं मिला है।

माइक्रो, छोटे व मध्यम वर्गीय उद्योग मंत्रालय ने प्रधान मंत्री के एक पेज के आवेदन के साथ व्यापार खोलने को आसान करने की बात कहने पर यह चीज़ उद्योग आधार को बताई थी।

नये एक पेज के आवेदन के बारे में एक अधिकारी ने कहा:

बड़ी संख्या में उद्योग अपने आप को लंबे पेपरवर्क के कारण पंजिकृत नहीं कर पाते और इसी कारण से सरकार की योजनाओं से लाभ भी नहीं ले पाते। MSME सेक्टर के के.वी. कामथ के पैनल, जो पिछले कुछ सालों में नौकरी देने में बड़े कारगर रहे हैं, ने पंजिकरण की एक प्रक्रिया बनाने का समर्थन किया है।

कुछ राज्य सरकारों ने इस नियम को लेकर आपत्ती भी जताई है। इन्में असम भी है, जहां अभी तक सिर्फ़ तीन शहरों में आधार पंजिकरण शुरू हो पाया है। इसलिये उन्होंने केंद्रीय सरकार को पैन व अन्य प्रमाण पत्र भी लेने का सुझाव दिया है।

विशेषज्ञों की माने तो यह उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध है। उच्च न्यायालय के वकील पवन दुग्गल ने कहा:

उच्च नयायालय इस बात पर एकदम साफ़ रहा है कि आधार संख्या ऐच्छिक रहेगी। यह उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले का उल्लंघन होगा और इसपर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का केस भी हो सकता है। यह नागरिकों के समानता के अधिकार के विरुद्ध भी है, और बिना आधार संख्या वाले नागरिकों व आधार संख्या वाले नागरिकों में भेदभाव का कारण बन सकता है।

पिछले सप्ताह सरकार ने नियमों व पॉलिसियों में बदलाव लाये थे, जिससे हायर करने के नॉर्मों में लचीलापन आये और असफल स्टार्टप जल्द बंद किये जा सकें।

व्यापार खोलने की आसानी में भारत विश्व में 179वें स्थान पर आता है। विश्व बैंक के अनुसार भारत में व्यापार खोलने के लिये 27 दिन का समय लगता है, और 12 प्रोसीजर पूरे करने पड़ते हैं।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन