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ज़ोमैटो ने अपने १०% स्टाफ़ को दिखाया बहार का रास्ता; बड़े योजना बदलाव की संभावना

रेस्त्रां ढूंढ़ने के नामी मंच Zomato से करीब 300 लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा , जो कि इनके 3000 की वर्कफ़ोर्स में 10% की गिरावट ला देगा।

इस एक बिलियन के 22 देशों में फैले हुए भारतीय संघ ने कहा कि वह योजना में बड़े बदलावों के तहत अब रेज़र्वेशन जैसे लाभकारी क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देंगे। यह कहने के बाद गौर हो, कि इस नैकरी से निकालने के कदम का अधिकतम असर स्थित स्टाफ़ व कंटेंट टीमों पर पड़ेगा।

यह निर्णय महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कंटेंट टीमें Zomato के शुरवाती दौर के “फ़ीट ऑन द सिट्रीट” के तहत सूचित किये गये रेस्त्रां के बारे खुद जानकारी निकाल सकें। यही टीमें सड़कों पर वाला का मॉडल ही Zomato की शुरवाती सफलताओं का कारण रहा है।

यह मॉडल कितना भी सफल रहा हो, पर Zomato अब आगे बढ़ कर “ईट ऑन द स्ट्रीट” मॉडल के साथ और कोमल योजना का प्रयोग करेगा। कंपनी के इस अप्रोच के तहत वह ऑपरेशन को “फ़ुल स्टैक” व “एंटरप्राइज़” में बांट देंगे। सी.ई.ओ. दीपिंदर गोयल इस कदम के बारे में समझाते हैं:

‘फ़ुल स्टैक’ चार रीजन है जहाँ निम्न सभी उपलब्ध है: बड़े बाज़ार, तेज़ी से बढ़ंत, Zomato सबसे ताकतवर खिलाड़ी। यह चार रीजन भारत, मध्य पूर्व, द़क्षिण पूर्वी एशिया (फ़िलिस्तीन व इंडोनेशिया) व (ऑस्ट्रेलिया व न्यू ज़ीलैंड)।

वहीं, Zomato ने एंटरप्राइस का नाम एसी जगहों को दिया है, जहां वह अभी उच्चतम खिलाड़ी नहीं है।

एंटरप्राइस रीजन वह हैं, जिनमें निम्न सही हो: बाज़ार छोटा है, व्यवसाय धीरे बढ़ रहा हो, Zomato मुख्य खिलाड़ी न हो। सभी बचे हुए बाज़ार इस श्रेणी में आते हैं।

(Zomato का इण्टर्नल मेमो, TechCrunch)

तो इस बटवारे का कारण? दरसल कंपनी दोनों भागों से अलग-अलग तरीके से डील करना चाहती है। जहां ‘फ़ुल स्टैक’ को लाइव कंटेंट कलेक्शन व ऐड सेल के साथ Zomato अन्य सारी सुविधाएं देगा, वहीं, ‘एंटरप्राइज़’ बाज़ारों में कंपनी ट्रांज़ैक्शन व्यापार, जिसमें Zomato Book रेजशर्वेशन इंजन शामिल है। इसमें ‘ऑन-ग्राउंड कम्युनिटी बिल्डिंग व मार्केटिंग’ को पीछे कर दिया जाएगा, जिस वजह से यह स्टाफ़ कटिंग हो रही है।

ऐसी जगहों पर हमें सेल्स के लोगों की आवश्यक्ता है, जो अधिकतम रेस्त्रां को Zomato Book से जोड़ने का कार्य करें। इसका मतलब यह कि हमें यहां कार्य करने के लिये कम लोगों की आवश्यक्ता पड़ेगी। यह हमारा बर्न रेट कम करने और आने वाले समय में इन देशों में व्यापार बढ़ानें में सहायता करेगा।

मतलब यह कि कंटेंट टीमों के लिये बुरी खबर है, जो ‘ऑन-ग्राउंड कम्युनिटी बिल्डिंग व मार्केटिंग ऐक्टिविटियों’ में अग्रसर हैं। दीसरे शब्दों में, वह लोग जो रेस्त्रां जाकर Zomato के लिये समय व मीनू आदि लेते हैं।

Zomato ने इस बात को नकार दिया है कि यह कट उनके सबसे नये ऐक्विज़िशनों के कर्मचारियों में से किये जाएंगे। इस बात पर एक व्यक्ति ने कहा:

यह कट Zomato के ऐक्विज़िशनों का हिस्सा नहीं हैं। अधिकतम लोगों को ऐक्विज़िशन के बाद रखा गया था। हम पिछले कुछ महीनों से अपने काम को दिशा निर्देशित बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और यह कट भी उसी का हिस्सा है।

यह कट वाश्विक स्तर पर होंगे और वहां अधिक होंगे जहां र्स्त्रां की संख्या अधिक है। US जहां के 1.4 मिलियन रेस्त्रां से 700,000 पहले ही लिस्ट किये जा चुके हैं, में यह कट होने की अधिकतम संभावना है।

दूसरे देशों में कट ज़्यादा नहीं होंगे, क्योकि यहां बाज़ार बड़ा है और, कट या तो पहले ही हो चुके हैं, या अगले सप्ताह तक होंगे। US में अधिक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि वहां रेस्त्रां की संख्या अधिक है।”

भले ही बुरा लगे, पर यह निर्णय समझे में आता है। Zomato के मुताबिक उनका 92% तक ट्रैफ़िक सिर्फ 40% के लिस्ट किये हुए रेस्त्रां की वजह से है, जिससे बचे कुचे 60% रेस्त्रां से डेटा जोड़ने व्यर्थ हो जाता है। ऐसा लग रहा है कि अप्रैल में एक बिलियन का मार्क पार करने और अपना वैश्विक स्तर बढ़ाने के बाद Zomato व्यर्थ पैसे बहाना नहीं चाहती।

सी.ई.ओ. ने उस लीक हुए मेमो में आखिर में कहा:

हम अपने व्यापार में ज़रूरी बदलाव लाएंगे, जिससे हम हर डॉलर व हर Zoman को ज़रूरी चाज़ों के पीछे लगा सकें।

उन्होंने आगे कहा:

अगले कुछ महीनें हमारे लिये मुश्किल होंगे, पर मिल के काम करने और बेवजह का न सोचने से हम वहां पहुंच सकते हैं जहां हम चाहते हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन