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राजस्थान स्टार्टप पॉलिसी 2015 के तहत अगले पॉंच वर्षों में राज्य करेगा 500 तकनीक स्टार्टप लांच

अपनी संस्कृति व परंपराओं के लिये जाना जाने वाला राजस्थान अब अपनी स्टार्टप पॉलिसी 2015 के साथ अगली स्टार्टप हब बनने के प्रयास में है। इस पॉलिसी, जिसके तहत राजस्थान ₹55 करोड़ अपने पास से लगा रही है, और अगले पांच वर्षों में 500 स्टार्टप खोलने के लिये ₹500 करोड़ के निवेश जुटाने की कोशिश में है, अगले वर्ष तक लांच होगा।

इसी के अंर्गत राज्य 50 इन्क्यूबेटर चलाने के प्रयास में भी है। राजर्थान राज्य के उद्योगों की मुख्य सचिव व RIICO (Rajasthan Industrial Development and Investment Corporation) की मैनेजिंग डायरेक्टर वीणू गुप्ता ने कहा कि इस पॉलिसी के तहत राज्य हर वर्ष काबिल स्टार्टपों में ₹11 करोड़ का निवेश करेगा, व साथ ही इक्वालिटी या लोन के रूप में हर स्टार्टप को ₹10 लाख की सहायता देगा।

इस स्टार्टप पॉलिसी के साथ राजस्थान ऐसी पॉलिसी लाने वाला भारत का पहला उत्तरी राज्य बन जाएगा। इससे पहले स्टार्टपों के लिये ऐसी पॉलिसी रखने वाले राज्यों में केवल कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश व केरल का नाम है।

राजस्थान के स्टार्टपस को Rajasthan Venture Capital Fund, IIM-A की CIIE, Rajasthan Angels Investor Network (RAIN) व चेन्नई स्थित निवेश फ़र्म Villgro की सहायता से आंका जाएगा। साथ ही, यह संस्थाएं इन्क्यूबेटर स्थापित करने में भी सरकार की सहायता करेंगी।

इस समय CarDekho व Culture Alley राजस्थान के वेंचर निवेशित स्टार्टपों में सबसे लोकप्रीय हैं। Culture Alley को अभी ही $6.1 मिलियन (₹36 करोड़) का निवेश न्यू यॉर्क के Tiger Global Management व एंजल निवेशकों से मिला है। साथ ही, यहां की राजधानी एक बहतरीन टेक पार्क का बखान करती है, जहां Infosys व Genpact जैसों के ऑफ़िस हैं।

Culture Alley के संस्थापक नितीश पत्नी के शब्दों में:

राजस्थान स्थित स्टार्टपों के लिये सबसे मुख्य परेशानी है दृश्यता- जिसके कारण निवेश जुटाने व हायर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इंक्यूबेटरों की सहायता से वेंचर कैपिटलिस्टों, कुशल व्यक्तियों व संभावित उपभोगताओं को यहां के स्टार्टपों के बारे में पता चलेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन