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ट्रेनों मैं सफर कर रहे भारतीयों का भोजन अनुभव बेहतर बनाने के लिए, TravelKhana ने अर्जित किया ब्रिज दौर मैं निवेश

भारतीय रेल्वे, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी है, पर यहां की बहतरीन ट्रेनों में भी दिया जाने वाला खाना इतना उत्तम नहीं है। इसी को बदलने के लिये दिल्ली स्थित स्टार्टप TravelKhana ने Astarc Ventures व कुछ एंजल निवेशकों से एक अप्रकाशित रक़म का निवेश अर्जित किया है।

इकनोमिक टाइम्स के मुताबिक यह Travel Khana के आगे सम्मिलित होने वाले ‘ए’ दौर निवेश का ब्रिज हिस्सा है, जिसमें $10 मिलियन के आस-पास का निवेश होने की संभावना है।

TravelKhana अभी 150 स्टेशनों से खाना उपलब्ध करा रहा है, पर अब नये निवेशों के साथ यह संख्या 400 स्टेशन होने की संभावना है। साथ ही, यह अपनी तकनीक बहतर करने में भी पैसे लगायेंगे, जिससे इनकी ऐप बहतर काम करे।

कंपनी अभी तीन क्षेत्रों में काम करने की बात कह रही है- उपलब्धता, साफ़-सफ़ाई और स्वाद। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उपभोगताओ को वही मिले जो उन्होंने मांगा हो, और वो भी सही समय पर। आप आधी रात में अपना ऑर्डर दे सकते हैं, और आपके वह अगले स्टेशन पर उपलब्ध कराया जाएगा।

आप ऑर्डर कॉल कर के, वेबसाइट पर या इनकी मोबाइल ऐप से अपना पैसेंजर नेम रेकॉर्ड (PNR) देकर मंगा सकते हैं और भुगतान या तो ऑनलाइन कर सकते हैं, या फिर डिलिवरी के समय।

यह हर ऑर्डर के रेस्त्रां से 18-20% कमीशन लेते हैं, और वह कमीशन उपभोगता से नहीं ली जाती है। जब ट्रेन कहे हुए स्टेशन पर पहुंचती है तो यात्री को गरम खाना उनकी सीट पर दिया जाता है। यात्री उत्तर भारतीय, दक्षिणी, चाइनीज़, मुग़लई, कॉन्टिनेंटल, इटैलियन, शाकाहारी, मांसाहारी, सॉफ़्ट ड्रिंको आदि से चुनाव कर सकते हैं।

2012 में पुश्पिंदर सिंह द्वारा स्थापित यह कंपनी रोज़ 3,000 यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने का दावा करती है। इससे पहले कंपनी ने राजन अनंदन, अलोक मित्तल, सर्बवीर सिंह जैसे एंजल निवेशकों से $2 मिलियन के निवेश अर्जित किया था।

TravelKhana अभी तक 383,921 यात्रियों को सेवा प्रदान कर चुके होने का दाव कर रहे है, और इनकी 2014 की सालाना आय ₹1.4 करोड़ पहुंच रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि उतने लेबर वाले कार्य होने का बाद भी कंपनी में सिर्फ़ 40 कर्मचारी हैं।

Astarc Ventures के प्रचारक सलिल मुसाले ने एक बयान में कहा:

TravelKhana ने अपनी शुरुआती कोशिशों में व काम करता मॉडल बनाने में बहुत अच्छा काम किया है। अब कार्य क्षमता बढ़ा कर ज़्यादा लोगों तक पहुंचने का समय है। हमें इस कंपनी का मध्यम वर्ग के लिये कार्य करने की महनत, इनके संस्थापक का जुनून, इनका बढ़ाये जा सकने वाला मॉडल व इनकी अभी की गति, सब बहुत अच्छा लगा।

MakeMyTrip के साथ साझा कर के कंपनी बसों पर भी यह सुविधा लाने की बात कर रही है। अभी यह सुविधा दिल्ली व राजधानी क्षेत्र में उपलब्ध होगी।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन