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भारत सरकार ने अपनी “डेटा इनक्रिप्शन पॉलिसी” ली वापस

सरकार के वाहियाद “डेटा इनक्रिप्शन पॉलिसी” के विरुद्ध अनेक प्रदर्शन होने के बाद भारत सरकार ने DeiTY को अभी का ड्राफ़ट वापस लेकर दोबारा बनाने को बोला है, और उसे आने वाले महीनों में देने को बोला है।

कम्युनिकेशन व इन्फ़ोरमेशन टेक्नॉलजी के मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने संक्षेप में सूत्रों को बताया कि:

यह सिर्फ़ एक ड्राफ़ट है, सरकार का नज़रिया नहीं। यह इनक्रिप्शन पॉलिसी उन्हीं लोगों के लिये है जो इनक्रिप्शन करते हैं, आम जनता के लिये नहीं।

आपको इसकी धाराओं के बारे में बतायें तो इसमें से एर धारा थी, जिसके अनुसार आपको अपनी Whatsapp, Facebook Messenger आदि की चैट 90 दिनों तक संभाल कर रखनी पड़तीं एवं सरकार की मर्ज़ी के हिसाब से सरकार को सौंपनी पड़ती

ड्राफ़ट इनक्रिप्शन पॉलिसी, जिसे आम जनता के लिये ऑनलाइन डाला गया था, को इंटरनेट प्रयोग करने वालों व “netizens” से अस्पष्ट भाषा के लिये बहुत निंदा मिली है।

प्रसाद आगे कहते हैं:

मैंने स्वयं देखा है कि इसकी कुछ धाराएं ऐसी लिखी गयी हैं जिनकी वजह से अकारण प्रश्न उठ रहे हैं। इसी कारण से मैंने DeiTY को इसे दोबारा बना कर पब्लिक डोमेन पर डालने को बोला है, जिससे हमें इसके प्रति आम जनता के विचार पता चलें।

जहां इस पॉलिसी से आम लोगों कि निजिता में भंग पड़ने वाला था, यह उन भारतीय स्टार्टपों की राह में रोड़ा बनने वाला था, जो अभी देश में बढ़ने का प्रयास कर रही हैं। यह भी तब हो रहा है जब प्रधानमंत्री मोदी Silicon Valley जाने व India Inc. व लेवरेज तकनीक का प्रचार करने वाले हैं।

ET ने बताया कि पॉलिसी के अनुसार सभी कंपनियों को अपनी सारी जानकारी बिना इनक्रिप्ट किये सादे शब्दों में 90 दिनों तक रखनी हैं, और अगर कोई कानून का व्यक्ति मांगे तो उन्हें सौंप देनी है “जब भी भारतीय कानून के नियमों के अनुसार इनकी ज़रूरत पड़े।


 

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन