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Uber ने तमिल नाड़ू सरकार के साथ 30,000 ड्राइवरों को नौकरी देने के लिये किया समझौता, स्मार्ट शहर बनाने में भी करेंगे मदद

एशियाई बाज़ार में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही Uber ने आज तमिल नाड़ू सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया। इसके अनुसार, Uber राज्य के ३० हज़ार वाहन चालकों को नौकरी देगा और राज्य के स्मार्ट शहर प्रोजेक्टों में भी योगदान करेगा।

इस समझौते के अनुसार Uber तमिल नाड़ू में कुल $३५ मिलियन का निवेश करेगा, जो भविष्य में बढ़ भी सकता है।

Uber कहती है, इस साझे से हम ३० हज़ार ‘उद्यमी अवसर’ बना रहे हैं। साथ ही हम दूसरे तकनीकी प्रोजेक्टों में अग्रसक्रीय हिस्सेदारी कर बहतरी लाने में व राज्य की आर्थिक बढ़ंत में उनकी सहायता करेंगे। Uber ने स्मार्ट शहर बनाने के तमिल नाडु सरकार के कार्यक्रम से जुड़ने के संबंध में प्रबल संकेत दिये।

Uber India के मुखिया अमित जैन ने कहा,

Uber को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने तमिल नाड़ू सरकार के साथ साझा किया है, जिसके तहत हम राज्य में नवपरिवर्तन लाएंगे, उद्यमी अवसर बनाएंगे और सुरक्षित व भरोसेमंद परिवहन विकल्प लाएंगे।

उन्होंने आगे कहा,

हम जहां कार्य करते हैं, वहां स्थानीय लोगों के प्रति ज़िम्मेदार रहते हैं। हम चेन्नई को भविष्य का शहर बनाने हेतु अपनी वैश्विक क्षमता लगाने को उत्साहित हैं।

हालाकि यह Uber का इस तरह का पहला निवेश नहीं था।

इससे पहले वह हैदराबद में अपना मुख्य कार्यालय बनाने हेतु भी ऐसा ही साझा पत्र हस्ताक्षरित कर चुका है, और इसके लिये वह $५० मिलियन  अलग रख चुके हैं। US के $40 बिलियन के इस अपस्टार्ट ने नवीनतम राज्य तेलंगाना के साथ साझा किया था , जिसके तहत वह अगले पांच वर्षों में अपना कार्यालय वहां बनाएंगे और करीब ५० हज़ार को नोकरी देंगे।

Uber का सरकारों के साथ ऐसे साझे करना उनके लिये दो तरीके से लाभकारी साबित हो सकता है।

पहला, इससे Uber की भारत के एक सहायक के रूप में छवी बनेगी। यह देखते हुए कि प्रधान मंत्री मोदी अपने ‘मेक इन इण्डिया’ कैंपेन के लिये निवेश जुटाने के लिये विदेश यात्रा कर रहे है, ऐसी छवी Uber को उनकी अच्छी सूचि में ले आएगी और उन्हें भविष्य में लाभ करेगी।

दूसरा, Uber को उसके भारतीय प्रतिद्वंदी Ola से बढ़ंत मिलेगी, जो अभी अपने पास भारत के 80% टैक्सी बाज़ार की हिस्सेदारी होने का दावा करता है। Ola के पास भले ही ज़्यादा हिस्सेदारी हो, पर Uber को मिल रहे बड़े निवेशों, और उनकी बहतरीन सर्विस के कारण उनकी बाज़ार में हिस्सेदारी बढ़ रही है।

Uber भारत को अपना सबसे बड़ा व्यापार क्षेत्र बनाने के लिये कई कदम उठा रहा है। इसके तहत उसने पहला क्षेत्रीय प्रेज़िडेंट बनाया, कैश आधारित ट्रांज़ैकशन लाया, अपने प्लैटफ़ार्म पर ऑटो लाये और अपनी एस.ओ.एस. सुव्धा भी लायी, जिससे रियल समय की मॉनिटरिंग हो सकती है।

पर, Uber को अभी भी अपनी पैठ बनाने में समय लगेगा; न सिर्फ भारत में, बल्कि एशिया में भी। कंपनी अभी भारत के 22 शहरों में काम कर रही हैं, जो US के बाहर इनका सबसे बड़ा बाज़ार और इनके पास अभी एक लाख पैंसठ हज़ार वाहन चालक हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन